खिजराबाद। ताजेवाला में अवैध स्क्रीनिंग प्लांट और क्रशरों को सील करने के बाद प्रदूषण विभाग ने 40 और प्लांटों को बंद करने का फैसला लिया है। यानि जिले में बिना परमिशन और बिना एनओसी के अवैध रूप से चल रहे 54 स्क्रीनिंग प्लांट और क्रशरों बंद किए जाएंगे। तत्कालीन माइनिंग अधिकारी की विजिलेंस जांच शुरू होने के बाद प्रदूषण और सिंचाई विभाग के अधिकारी भी हरकत में आएं हैं। प्रदूषण विभाग की कार्रवाई के दौरान कुछ नेताओं ने भी अधिकारियों की कार्रवाई पर दबाव डालने का प्रयास किया था, लेकिन उन्होंने किसी की नहीं सुनी। प्रदूषण विभाग के आरओ का कहना है कि सीलिंग के दौरान कोई हरकत ना हो, इसके लिए पुलिस फोर्स भी मांगी गई है। अगले सप्ताह तक सभी 54 प्लांटों को सील लगा दी जाएगी।
अमर उजाला ने उठाया था मुद्दा
ताजे वाला में हो रहे अवैध खनन और अवैध तरीके से चल रहे स्क्रीनिंग प्लांटों और क्रशरों का मुद्दा अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया था। अमर उजाला द्वारा उठाए गए मुद्दे कि गूंज चंडीगढ़ और दिल्ली तक हुई थी। जिसके कारण संबंधित विभागों के हाथ पांव फूल गए थे और ताजे वाला में चल रहे अवैध प्लांटों को क्लोजर नोटिस भेज दिए गए थे।
जब स्क्रीनिंग प्लांट उखाड़े जा रहे थे, तब सो रहे थे अधिकारी
अमर उजाला में खबरें छपने के बाद कुछ चालाक संचालक अपना प्लांट ही उखाड़कर ले गए थे। उस वक्त उन्हें न तो प्रदूषण विभाग और न ही सिंचाई विभाग और खनन विभाग के अधिकारियों ने रोका। अधिकतर महंगी मशीनरी संचालक उठा ले गए थे। यहां अब केवल थोड़ा बहुत ही सामान पड़ा था। जिसे सील लगाया जा रहा है।
कुल 54 अवैध स्क्रीनिंग प्लांट और क्रशरों को बंद करने के आदेश मिले हैं। ताजेवाला स्थित सभी स्क्रीनिंग प्लांट और क्रशरों को सील लगा दी गई है। बाकि बची जगहों पर भी सीलिंग कर दी जाएगी।-निर्मल कश्यप, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण विभाग