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कनाडा भेजने के नाम पर कबूतरबाजों ने पेपर मिल के रिटायर्ड कर्मी से हड़पे 16.10 लाख

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यमुनानगर। पेपर मिल से रिटायर्ड कर्मी अमरजीत सिंह से उसके बेटे, दामाद, बेटी व दोहते को कनाडा भेजने के नाम पर 16 लाख 10 हजार 429 रुपये ठग लिये। आरोप पंजाबी के राजपुरा निवासी दंपती, शिकायतकर्ता के भाई समेत पांच लोगों पर लगा है। आरोपियों ने रिटायर्ड कर्मी के भाई के साथ मिलकर रिटायर्ड कर्मी को जाल में फंसाया। विदेश जाने के लालच में इस दौरान रिटायर्ड कर्मी के बेटे ने होटल मैनेजमेंट की पढ़ाई तक छोड़ दी। लेकिन न तो उन्हें विदेश भेजा गया और न ही उनके पैसे लौटाए। पुलिस ने अमरजीत सिंह की शिकायत पर पांचों आरोपियों पर धोखाधड़ी व जालसाजी के आरोप में केस दर्जकर जांच शुरू कर दी है।
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लक्ष्मी गार्डन निवासी अमरजीत सिंह ने बताया कि वह पेपर मिल से सेवानिवृत है। सितंबर 2017 में उसकी मुलाकात पंजाब के पटियाला जिले के डालिमा विहार राजपुरा निवासी वरुण दूबे व उसकी पत्नी पूजा दूबे से हुई थी। आरोपी उसे उसके भाई दविंद्र सिंह के घर मिला था। आरोपियों ने कहा था कि वे लोगों को विदेश भेजने का कार्य करता है। उसके भाई दविंद्र सिंह के बच्चों को भी उसने विदेश भेजा है। उसके भाई ने भी विश्वास दिलाया कि आरोपी से उसकी बहुत अच्छी जान पहचान है। उसे किसी भी प्रकार से डरने की आवश्यकता नहीं है और यदि भविष्य में उनका पैसा डूबने की संभावना होती है तो वो सारे पैसे अदा करेगा। इसके बाद आरोपी वरुण दूबे व उसकी पत्नी पूजा ने कहा कि उनकी उच्च अधिकारियों में काफी अच्छी जान-पहचान है। उन्हें किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। उसने आरोपियों को कहा कि उसकी बेटी व दोहते का पासपोर्ट नहीं बना हुआ है इसलिए वे बच्चों को विदेश भेजने का इच्छुक नहीं है। जिस पर दंपति व उसके भाई दविंद्र सिंह उसे चिकनी चुपड़ी बातों में उलझाकर व बहला फूसलाकर कहा कि बेटी व दोहते का आधार कार्ड, फोटो व अन्य जरुरी कागजात हमें दे दो। हम केवल 12 हजार रुपये में लगभग एक सप्ताह के अंदर दोनों का पासपोर्ट बनवा देंगे। आरोपियों ने उससे 12 हजार रुपये नकद लिये और कुछ कागजों पर उसकी बेटी के हस्ताक्षर करवा लिये। इसके बाद आरोपी मोगा निवासी संदीप व पार्टनर सोनू गुर्म के साथ उसके भाई के घर पर आते और उन्हें आश्वासन देते रहे। आरोपियों पर विश्वास करके उसने अपने बेटे कमलप्रीत सिंह जो उस समय होटल मैनेजमेंट के तृतीय वर्ष में पढ़ाई कर रहा था व बेटी भारती केशव व दामाद संदीप केशव व अपने दोहते आदिस्य राज केशव को विदेश (कनाडा) भेजने की आरोपी से बात तय कर ली। जिस पर उसके भाई दविंद्र सिंह ने भी उसे विश्वास जीतने के लिये 42 हजार रुपये आरोपी वरुण दूबे को दो अक्तूबर 2017 को अपने घर में दिए। इसके पश्चात वह आरोपी के अकाउंट में अलग-अलग तारीखों में पैसे डलवाता रहा। आरोपियों द्वारा बार बार पैसों की मांग करने पर उसके दामाद संदीप केशव ने अपनी व अपनी पत्नी यानी मेरी बेटी भारती केशव व दोहते आदित्य राज केशव की एलआईसी पॉलिसी खत्म करवाकर आरोपी के पैसे उसके खाता में डलवा दिये।
एंबेसी में खड़ा होकर एक लाख रुपये खाते में डलवाने की बात कही तो हुआ शक : अमरजीत सिंह ने बताया कि कनाडा जाने के लालच में उसके बेटे कमलप्रीत सिंह ने अपनी होटल मैनेजमेंट के तृतीय वर्ष की पढ़ाई भी छोड़ दी। उसके बाद उन्होंने फिर आरोपी से बातचीत की तो आरोपी ने किसी रिश्तेदार संदीप से बात कराई। वह कहने लगा कि आपका काम लगभग सिरे लग चुका है और वह इस समय एंबेसी में है। आप तुरंत एक लाख रुपये वरुण दुबे के खाते में डलवा दो। उसके ऐसा कहने पर उन्हें आरोपियों पर ज्यादा शक हुआ। आरोपियों ने उससे विदेश भेजने के नाम पर कुल 16,10,429 रुपये ठग लिए है। उसने आरोपियों से अपने पैसे वापस मांगे, लेकिन आरोपियों ने उसे पैसे देने से साफ मना कर दिया। उसने इसकी शिकायत पुलिस को दी। जांच अधिकारी एएसआई बलदेव राज का कहना है कि मामलें में आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी व जालसाजी के आरोप में केस दर्जकर लिया है। जांच की जा रही है।
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