वक्फ बोर्ड की भूमि पर कब्जे के मामले ने पकड़ा तूल, ढाई घंटे थाने के सामने दिया ग्रामीणों ने धरना
जठलाना। जठलाना में वक्फ बोर्ड की भूमि पर कब्जे का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। वीरवार को प्रशासन की ओर से की गई कार्रवाई का विरोध करते हुए शुक्रवार को कब्जाधारी पक्ष के लोग थाना जठलाना के सामने धरने पर बैठ गए और पुलिस प्रशासन विरोध नारेबाजी की। बाद में डीएसपी कुशलपाल राणा के मामला रद्द किए जाने के आश्वासन के बाद ग्रामीण मान गए और कल तक धरना समाप्त कर दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर उन पर दर्ज किया गया मामला वापस नहीं लिया गया तो वह आमरण अनशन पर बैठ जाएंगे। वहीं, दूसरी ओर पट्टेदार कब्जा न दिलवाने में असफल रहे प्रशासन पर ढीली कार्रवाई किए जाने का आरोप लगा रहे हैं। पट्टेदार का कहना है कि एक ओर तो प्रशासन उन्हें कब्जा नहीं दिलवा पाया, वहीं दूसरी ओर कब्जा लेने के लिए मौके पर लाया गया लाखों का सामान भी प्रशासन की अनदेखी के चलते गायब हो गया।
नहीं मिला न्याय तो करेंगे आमरण अनशन
पूर्व ब्लॉक समिति सदस्य व भूमि पर अपना हक बता रहे ऋषिपाल जठलाना ने बताया कि इस भूमि पर करीब 65 परिवार 1987 से खेती कर रहे है। पहले यह भूमि मोहनलाल, रघुबीर सिंह, राम सिंह व पूर्णचंद के नाम पट्टे पर थी। उन्हीं के नाम से वक्फ बोर्ड में पट्टा भरा जाता था। सभी परिवार पट्टे की राशि इकट्ठी कर उन्हें देते थे और पट्टा भरा जाता था। लेकिन उसके बाद रामसिंह के पुत्र नरेश कुमार के नाम पट्टा आ गया। उसे भी सभी परिवार के लोग उसी प्रकार देते रहे। लेकिन गत वर्ष उन्हें पता चला कि नरेश कुमार पट्टा नहीं भर रहा है। जिसकी शिकायत भी उन्होंने पुलिस में की। अंबाला व जगाधरी कोर्ट में उनका केस चल रहा है। अंबाला कोर्ट में उन्होंने भूमि को सरकारी रेट पर खरीदने की याचिका डाली है जबकि जगाधरी कोर्ट में अंबाला कोर्ट से फैसला आ जाने तक मामला लंबित करने की मांग उन्होंने की है। लेकिन इसके बाद भी वक्फ बोर्ड के अधिकारियों ने किसी अन्य के नाम भूमि का पट्टा कर दिया और वह अब प्रशासन की मदद से जबरन उनकी भूमि पर कब्जा लेने का प्रयास कर रहा है। जब तक उन्हें न्याय नहीं मिल जाता तब तक वह धरने पर डटे रहेंगे और अगर न्याय नहीं मिला तो आमरण अनशन पर बैठ जाएंगे।
प्रशासन की ढीली कार्रवाई से नहीं मिला कब्जा
पट्टेदार राकेश कुमार व राजकुमार का कहना है कि भूमि के पट्टे के पूरे कागजात उनके पास मौजूद है। लेकिन लोग भूमि पर नाजायज तौर पर कब्जा जमाएं रखना चाहते हैं। प्रशासन हमें कब्जा नहीं दिलवा पाया। कब्जा दिलवाने की बजाए प्रशासनिक अधिकारियों व पुलिस टीम मौके से भाग खड़ी हुई। जिस कारण हमें भी अपनी जान बचाकर वहां से भागना पड़ा। इस दौरान करीब डेढ़ लाख रुपए का सामान खंभे व तार थे वह भी कब्जे का विरोध करने वाले लोग उठाकर ले गए। प्रशासन को आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
डीएसपी से बातचीत के बाद लौटे ग्रामीण
ग्रामीणों की ओर से देवेन्द्र राणा खजूरी ने डीएसपी कुशलपाल राणा से बातचीत की। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों पर गलत तरीके से मामला दर्ज किया जा रहा है। जिससे उनके साथ अन्याय हो रहा है। पुलिस प्रशासन के आश्वासन के बाद उन्होंने ग्रामीणों को कल मौके से लौटा दिया था, लेकिन उसके बाद भी ग्रामीणों पर मामला दर्ज किया गया। डीएसपी ने बातचीत के बाद धरनारत ग्रामीण वापस लौट गए।
किसी के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। अगर ग्रामीणों को लग रहा है कि उन पर दर्ज किया गया मामला उचित नहीं है तो इसकी पूरी जांच करवाई जाएगी। बिना जांच के किसी को भी गिरफ्तार नहीं किया जाएगा।
कुशलपाल राणा, डीएसपी, रादौर।