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वक्फ बोर्ड की जमीन पर कब्जे को लेकर बवाल, प्रशासन व ग्रामीण आमने सामने

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अमर उजाला ब्यूरो
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यमुनानगर/जठलाना।
गांव जठलाना की माजरी में वक्फ बोर्ड की साढ़े सात एकड़ विवादित भूमि को कोर्ट के आदेश से प्रशासनिक अधिकारी पुलिस बल के साथ कब्जा लेने मौके पर गए। लेकिन कब्जा किए बैठे लोगों ने कार्रवाई का विरोध किया। सैकड़ों महिलाओं और पुरुषों के विरोध के चलते प्रशासन के अधिकारियों को बैरंग लौटना पड़ा। इस दौरान प्रशासनिक कार्रवाई का विरोध कर रहे दलित समुदाय के लोगों पर पुलिस ने बल प्रयोग किया। जिससे पूर्व ब्लॉक समिति सदस्य ऋषिपाल और एक महिला को चोट आई। चोट लगने से ऋषिपाल बेहोश हो गए। कुछ लोगों को पुलिस ने हिरासत में भी लिया। इसे लोग और भड़क उठे। सैकड़ों लोग घायल ऋषिपाल को लेकर थाना जठलाना पहुंचे और थाने का घेराव किया। पुलिस द्वारा बल प्रयोग किए जाने व दलित समाज के लोगों को हिरासत में लिए जाने के विरोध में समाज के लोगों ने थाना जठलाना में पुलिस विरोधी नारेबाजी की। सूचना मिलने पर डीएसपी रादौर कुशलपाल राणा मौके पर पहुंचे। डीएसपी ने गुस्साएं दलित समाज के लोगों को आश्वासन दिया कि हिरासत में लिए लोगों को छोड़ दिया जाएगा। डीएसपी के आश्वासन के बाद पुलिस ने हिरासत में लिए गए दलित समाज के लोगों को छोड़ दिया। जिसके बाद दलित समाज के लोग शांत हुए और अपना रोष प्रदर्शन समाप्त किया।

1988 से खेती कर रहे, तीन साल पहले राजकुमार ने पट्टे पर ली थी जमीन :
गांव जठलाना की माजरी में वक्फ बोर्ड की लगभग साढ़े सात एकड़ भूमि है। जिस पर जठलाना निवासी रिखीराम, जोगिन्द्र, रामेश्वरदास, ऋषिपाल, कर्मवीर, राजकुमार, नरेश, रिंकू, चतरपाल, विजय कुमार आदि लोग 1988 से खेती कर रहे है। उधर, वक्फ बोर्ड की उपरोक्त भूमि को कैथल निवासी राजकुमार ने तीन वर्ष के लिए एक लाख 26 हजार रुपये प्रति वर्ष की राशि वक्फ बोर्ड को अदा कर पट्टे पर ली थी। इस भूमि पर कब्जा लेने के लिए राजकुमार ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट के आदेश पर वीरवार को बीडीपीओ रादौर मार्टिना महाजन, थाना जठलाना प्रभारी इंस्पेक्टर ओमप्रकाश भारी पुलिसबल के साथ भूमि पर राजकुमार को कब्जा दिलवाने के लिए मौके पर पहुंचे थे।
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फसल पर ट्रैक्टर चला तो जमीन पर लेटकर किया विरोध
दोपहर लगभग ढाई बजे प्रशासन के अधिकारी विवादित भूमि पर कब्जा दिलवाने पहुंचे। विवादित भूमि पर गेहूं व सरसों की फसल खड़ी हुई थी। खडी फसल पर जैसे ही कब्जा लेने के लिए ट्रैक्टर चलाया गया तो दलित समाज की 100 से अधिक महिलाएं और पुरुष मौके पर पहुंचे गए। उन्होंने कब्जा लेने की कार्रवाई का विरोध करते हुए ट्रैक्टर को रुकवा दिया। प्रशासन के अधिकारियों ने उन्हें ऐसा करने से मना किया तो दलित समाज के लोगों ने विरोध तेज कर दिया। इस दौरान प्रशासन की टीम के साथ भी ग्रामीणों की कहासुनी हुई। जिसके बाद पुलिस ने विरोध कर रहे लोगों पर लाठीचार्ज किया। लेकिन फिर भी ग्रामीणों का विरोध जारी रहा।

मामला भड़कते देख कार्रवाई बीच में छोड़कर अधिकारी भागे :
लाठीचार्ज में कुछ लोगों को हल्की चोटें आई। इस दौरान पूर्व ब्लॉक समिति सदस्य ऋषिपाल को गंभीर चोट आई। मामला भड़कते देख प्रशासन के अधिकारी कार्रवाई को बीच में छोड़कर मौके से चले गए। पुलिस द्वारा लाठीचार्ज किए जाने से गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है। लेकिन कब्जे की भनक लगते ही भूमि पर अपना हक जता रहे। ग्रामीण महिलाओं सहित मौके पर पहुंच गए और कब्जे का विरोध करना शुरू कर दिया। इस दौरान प्रशासन की टीम के साथ भी ग्रामीणों की कहासुनी हुई। ग्रामीणों का विरोध बढ़ता देख प्रशासन वहां से बैरंग लौट गया। हालांकि देर शाम तक स्थिति तनावपूर्ण बनी रही।

ग्रामीणों ने जताया हक
भूमि पर कब्जा जता रहे ग्रामीण राकेश कुमार, अंकित, शीशपाल, मंगल सिंह, इंद्र, प्रदीप और ऋषिपाल ने बताया कि यह भूमि उनकी है। जिस पर वह लंबे समय से खेती करते आ रहे है। लेकिन इस पर गलत तरीके से कब्जा दिलवाने का प्रयास किया जा रहा है। वह ऐसा नहीं होने देगें। उन्होंने ही इस भूमि पर फसल की बिजाई भी की है। भूमि को लेकर उनका जगाधरी व अंबाला कोर्ट में केस भी चल रहा है।

वक्फ बोर्ड से 1.26 लाख देकर पट्टे पर ली है जमीन : राजकुमार
शिकायतकर्ता कैथल निवासी राजकुमार ने बताया कि उसने एक वर्ष पहले ही यह भूमि वक्फ बोर्ड से पट्टे पर ली है। जिसके लिए उसने एक लाख 26 हजार रुपये की राशि प्रतिवर्ष के हिसाब से जमा भी करवाई है। भूमि के पट्टे के कागजात भी उसके पास मौजूद है। लेकिन कुछ लोग इस पर नाजायज कब्जा करने का प्रयास कर रहे है। जिसकी शिकायत उसने प्रशासनिक अधिकारियों को दी थी।
वर्जन
जमीन पर कब्जा दिलवाने के लिए उन्हें ड्यूटी मजिस्ट्रेट बनाया गया था। शिकायतकर्ता को जमीन पर कब्जा दिलाने के लिए वह वक्फ बोर्ड के कर्मचारियों व पुलिस प्रशासन की टीम के साथ मौके पर पहुंची थी। जहां ग्रामीणों ने प्रशासन टीम के साथ भी गाली गलौच करते हुए कार्य में बाधा पहुंचाई। विरोध कर रहे लोग मौके पर कोई कागजात भी नहीं दिखा पाएं। मौके पर स्थिति तनावपूर्ण होने के कारण उन्हें लौटना पड़ा। सरकारी काम में बाधा पहुंचाने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
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-मार्टिना महाजन, बीडीपीओ रादौर।

-पुलिस ने कोई लाठीचार्ज नहीं किया गया। ग्रामीणों को समझाया गया था, लेकिन वे नहीं माने। सरकारी काम में बाधा डालने को लेकर कुछ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस मुस्तैद है और जांच की जा रही है।
-कुलदीप सिंह यादव, एसपी।
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