नवरात्र पर घर में बने देवी मंदिर को सजा रहा था मुकुल, चाइनीज लड़ी के नंगे तार ने ली जान
चाइनीज लड़ी में केबल तार जोड़ते हुए लगा करंट, अचेत हालत में परिजन अस्पताल लेकर पहुंचे
मृतक के दिल में था छेद, पांच साल पहले एक संस्था की मदद से ऑपरेशन करवा कर बचाई थी जान
नगावां जागीर में शनिवार सुबह की घटना, दो बहनों का था इकलौता भाई, परिजनों का रो रोकर बुरा हाल
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर/छछरौली
नवरात्र पर घर में बने देवी मंदिर की सजावट के लिए लड़ियां लगा रहे 15 साल के मासूम विरेंद्र उर्फ मुकुल की करंट लगने से मौत हो गई। मुकुल दो बहनों को इकलौता भाई था। जन्म से ही उसके दिल में छेद था और परिजनों ने उसकी जिंदगी के लिए अनेक दुआएं व मन्नतें मांगी थी। जिसके बाद वर्ष 2014 में एक संस्था के सहयोग से परिजनों ने मोहाली के फोर्टिस अस्पताल में ऑपरेशन करवाया था। आपरेशन के बाद उसे नई जिंदगी मिली थी। अब नवरात्र के पहले ही दिन करंट लगने से उसकी मौत हो गई। बच्चे की मौत से मां और बहनों का रो रोकर बुरा हाल है। वे बार-बार एक ही बात कह रही हैं कि माता रानी पहले उसकी जान बचाई, अब ऐसा क्या गलती हो गई। जो हमसे बेटा अपने पास बुला लिया।
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-नगावां जागीर (कश्मीरगढ़) निवासी राकेश कुमार ने बताया कि उसके 15 साल के बेटे विरेंद्र उर्फ मुकुल ने हाल ही में दसवीं कक्षा की परीक्षा दी थी। इन दिनों वह घर पर था। नवरात्रों में घर व घर में बने मंदिर को सजाने के लिए मुकुल शनिवार सुबह लड़ियां लगा रहा था। करीब 11 बजे उसने घर के अंदर बने मंदिर की साफ सफाई की और लड़ियां लगानी शुरू कर दी। बताया जा रहा है कि मंदिर में चाइनीज लड़ियां लगाई जा रही थी। जैसे ही वह लड़ियों को केबल के तार से जोड़ने लगा तो उसमें करंट दौड़ पड़ा। करंट लगने से वह अचेत हालत में हो गया। शोर सुनकर परिजन मौके पर पहुंचे और मुकुल को अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां चिकित्सक ने उसे मृत घोषित किया।
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बचपन से दिल में था छेद, तीन साल पहले मौत के मुंह से निकाला था बाहर :
-मृतक मुकुल के पिता राकेश जगाधरी में फैक्टरी में काम करते है। जब मुकुल छोटा था तब उन्हें पता चला था कि उसके दिल में छेद है। जो बचपन से था। इकलौते बेटे को बचाने के लिए उन्होंने अनेक देवी देवताओं के मंदिरों में जाकर दुआएं व मन्नते मांगी। वर्ष 2013 में वह एक संस्था के संपर्क में आए। जिसके बाद बच्चे का उपचार मोहाली के फॉरटीज में चला। वर्ष 2014 में संस्था के सहयोग से फॉरटीज अस्पताल में मुकुल का ऑपरेशन किया गया। ऑपरेशन सफल हुआ और मुकुल की जान बच गई थी।
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अब किसके साथ मनाएंगे भाई बहन के त्योहार :
-मुकुल घर में सभी परिजनों का लाडला था। इकलौता होने पर सभी उससे प्यार व दुलार करते थे। करंट लगने से हुई इकलौते लड़के मुकुल की मौत के बाद परिजनों को रो रोकर बुरा हाल था। मां रीना देवी बार बार बेसुध हो रही थी। बहन रूपाली व तनीशा का भी रो रोकर बुरा हाल था। विलाप करते हुए दोनों बहने बार बार यहीं बात बोल रही थीं कि उनका एक ही भाई था। इसे भी उनसे छीन लिया गया। अब वे भाई बहनों के त्यौहार किसके साथ मनाएंगी।
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बुढ़ापे में सहारा बनने से पहले ही भगवान ने छीन लिया मेरा लाल :
-मृतक मुकुल के पिता राकेश को अपने एकमात्र बेटे से बहुत आस थी। इसलिए वे उसकी शिक्षा पर कोई कसर नहीं छोड़ रहे थे। ताकि बेटा अच्छी नौकरी पाकर बुढ़ापे में उनका सहारा बने। हालांकि पांच साल पहले तक उन्होंने अपने बेटे के उम्मीद छोड़ दी थी, लेकिन ऑपरेशन के बाद उसे नया जीवनदान मिला था। जिससे उनमें अपने बेटे को भविष्य में उनकी बुढ़ापे की लाठी बनने का सपना देखा। लेकिन करंट लगने से हुई उसकी मौत के बाद से उसका यह सपना टूट गया। वह पढ़ाई में भी अच्छा था और दसवीं के पेपर भी अच्छे गए थे।
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सावधानी से करें प्रयोग
-बिजली उपकरणों का सावधानी से प्रयोग करें।
-काम करते समय पैरों में चप्पल या जूते जरूर पहनें।
-नंगी तारों को न छूएं और बिजली काटने के बाद ही तार जोड़े।
-चाइनीज आइट्म से खासतौर पर सावधान रहें।
-बच्चों को बिजली के उपकरणों से दूर रखें।
-बिजली संबंधी रिपेयरिंग के लिए मैकेनिक को बुलाएं।
वर्जन
-करंट लगने से हुई लड़के की मौत के बाद पुलिस मौके पर गई थी। मृतक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम करवा दिया गया है। परिजनों का किसी पर कोई आरोप नहीं है। मामले में 174 के तहत कार्रवाई की गई है।- रामकुमार, एसएचओ, थाना बुड़िया।
ोटो : 23, 25, 27 व 28