तीन दोस्तों की मौत से हमीदा कॉलोनी में पसरा सन्नाटा
यमुनानगर। लाडवा के गांव बड़शामी के समीप हुए दर्दनाक हादसे में मरने वालों में तीन युवक हमीदा कॉलोनी के थे। तीनों ही आपस में गहरे दोस्त थे। हादसे की खबर जैसे ही परिजनों को मिली तो चीख की आवाज सुनकर आसपास लोग दौड़ पड़े। मोहल्ले की औरतेें घर में पहुंच महिलाओं को संभालने में जुट गई। शाम को तीनों के अलग-अलग शव पहुंचे तो वहां मौजूद सभी की आंखें नम हो गई। हमीदा के श्मशानघाट में उनका दाह संस्कार किया गया। वहीं यश के परिजनों का कहना है कि उसने दिल्ली से रिश्तेदार से दो लाख की नकदी ली थी। साथ ही उसके हाथ में सोने का कड़ा भी था लेकिन उन्हें न तो दो लाख की नकदी मिली और न ही सोने का कड़ा। वहीं पुलिस की तरफ से भी ये कहा गया है कि उन्हें नकदी और आभूषण के बारे में कोई जानकारी नहीं है।
दो बच्चियों के सिर से उठा पिता का साया
24 वर्षीय यश टंडन उर्फ गोगा फाइनेंस का काम करता था। वह हमीदा में डिपो वाली गली में रहता था और शादीशुदा था। उसके पास दो बच्चियां थी। लेकिन इस हादसे में यश की मौत हो जाने से उनके सिर से पिता का साया उठ गया। दोनों बच्चियां काफी छोटी हैं। पति की मौत के बाद पत्नी सोनल का बुरा हाल है। महिलाएं उसे संभालने में जुटी थी।
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सात माह पहले हुई थी शादी
खेड़े वाली गली की आमना के हाथों की तो अभी मेहंदी पूरी तरह से सूखी नहीं थी कि उसका सुहाग उजड़ गया। सात माह पहले 23 वर्षीय अलीम अहमद के साथ उसका निकाह हुआ था। आमना ने नई बसी दुनिया को लेकर कई सपने संजोए हुए थे लेकिन उसे नहीं पता था रविवार का दिन उसके लिए मनहूस होगा और उसका पति उससे दूर हो जाएगा। बताया गया है कि अलीम का पिता फूड सप्लाई विभाग में कार्यरत है और वह अपनी कार को कई बार किराये पर भी चलाता था।
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बहनों से अलग हुआ भाई
इस हादसे ने दो बहनों से उनके 22 वर्षीय सन्नी को अलग कर दिया। सन्नी हमीदा की गोमती वाली गली में रहता था। बहनों में एक शादीशुदा और एक अविवाहित है। पिता दौलत राम ड्राइवर है। भाई को खो देने पर बहनों का बुराहाल था। महिलाएं उन्हें गले लगाकर ढांढस बढ़ा रही थी।
पेमेंट लेने गए थे दिल्ली
परिजनों का कहना है कि यश टंडन की बुआ दिल्ली रहती है। वह सन्नी और अलीम अहमद के लिए अपनी कार में हमीदा से रात को निकले। यहां से उन्हें दो लाख रुपए की पेमेंट लेनी थी। पेमेंट लेने के बाद उनके साथ बुआ का लड़का रोहित व उसका दोस्त सुनील भी साथ चल दिए। रात को लेट चलने के बाद वे जैसे ही लाडवा के गांव बड़शामी के पास पहुंचे तो हादसा हो गया।
यहां हुआ हादसा
लाडवा के गांव बड़शामी के समीप ऑल्टो कार व ट्राले की टक्कर में चार युवकों की दर्दनाक मौत हो गई। तीन ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि गंभीर रूप से घायल इनके चौथे साथी ने पीजीआई चंडीगढ़ जाते समय रास्ते में मौत हो गई। उक्त भीषण हादसे में गंभीर रूप से घायल इनका पांचवां साथी पीजीआई में उपचाराधीन है। उसकी हालत गंभीर बताई गई है।
मृतकों में 22 वर्षीय सन्नी, 23 वर्षीय अलीम अहमद व 24 वर्षीय यश टंडन यमुनानगर के पुराना हमीदा के रहने वाले हैं, आपस में दोस्त है। इनका फाइनेंस का काम बताया गया है। हादसे का शिकार हुए पांच युवकों में जिस 22 वर्षीय रोहित ने पीजीआई के रास्ते में दम तोड़ा, वह मृतक यश टंडन की बुआ का इकलौता पुत्र था। जोकि दिल्ली रामा विहार का वासी था। बताया गया है कि 22 वर्षीय रोहित तीन बहनों का इकलौता भाई था। मृतकों में यश टंडन की एक वर्षीय व तीन वर्षीय दो बेटियां है। शनिवार को यश अपने दोस्तों के साथ दिल्ली गया था। रविवार सुबह चार बजे जब यह लोग दिल्ली से यमुनानगर के लिये रवाना हुए तो इनके साथ रोहित और दिल्ली रामा विहार वासी उसका दोस्त सुनील भी था। ऑल्टो कार में सवार उपरोक्त पांचों युवक जब सुबह करीब साढ़े सात बजे गांव बड़शामी के समीप पहुंचे तो यहां एक तेज गति से सामने से आ रहे ट्राले से टक्कर हो गई।