बेलगढ़ में फिर अवैध खनन, अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआइआर
खिजराबाद। प्रशासनिक कार्यवाही और खनन विभाग के ढीले रवैये के चलते बेलगढ में अवैध खनन लगातार जारी है। खनन विभाग द्वारा लगातार एफआईआर दर्ज करवाई जा रही है, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं होने से माइनिंग माफिया के हौसले बुलंद है। बेलगढ़ जोन में बड़े स्तर पर अवैध खनन हो रहा है। ताजा मामला भी बेलगढ़ जोन में सामने आया है। खनन निरीक्षक ओमदत शर्मा की शिकायत पर प्रतापनगर पुलिस ने एक और एफआईआर दर्ज की है। पुलिस को दी शिकायत में उन्होंने बताया कि वे बेलगढ में निरीक्षण पर गए थे। जहां उन्हें खनन के ताजा निशान मिले। जहां से अज्ञात लोगों ने लाखों रुपये की खनन सामग्री उठा ली। माइनिंग इंस्पेक्टर की शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
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कुछ पर परमिशन, लेकिन अवैध ज्यादा
बेलगढ़ खनन को लेकर सुर्खियो में हमेशा छाया रहा है, यहां कभी अवैध खनन बंद नही हुआ। बेलगढ में कुछ ही साइटों पर खनन के लिए मंजूरी मिली हुई है, लेकिन उसकी आड़ में दर्जनों जगहों पर अवैध खनन का कारोबार किया जाता है। इतना ही नहीं दो प्रदेशों की सीमा और दो प्रदेशों के बीच बहने वाली यमुना में भी बेलगढ में दिन रात अवैध खनन जेसीबी मशीनों द्वारा किया जाता है। दोनों प्रदेशों की पुलिस भी इस खेल पर कोई लगाम नही कस पाई है। ग्रामीणों का कहना है कि अवैध खनन के इस खेल में माइनिंग माफिया के साथ पांच विभागों के अधिकारियों की मिलीभगत है। इसलिए इन पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जाती।
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सिंचाई विभाग की पटड़ी को भी नहीं बख्शा
माइनिंग माफिया ने सिंचाई विभाग की पटडी के पास भी अवैध खनन किया, लेकिन उन पर आज तक कोई कार्यवाही नही हुई। बेलगढ पटडी के साथ दर्जनों गांव लगते हैं, जहां बरसात में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। कन्यावाला, लाक्कड, नवाजपुर, भीलपुरा आदि ऐसे दर्जनों गांव हैं, जहां बाढ़ का पानी हर साल तबाही मचाता है।
वर्जन
जांच अधिकारी राजीव कुमार का कहना है कि खनन निरीक्षक की ओर से अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ बेलगढ में अवैध खनन करने की शिकायत पर एफआइआर दर्ज की गई है। जमीन की फर्द के नंबर से जमीन मालिक का पता किया जाएगा और उसके बाद आगे की कानूनी कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
फोटो नंबर 54