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पुलिस के लिए गुत्थी बने तीन मर्डर केस, पुलिस की चार टीमें न हत्यारों का पता लगा पाई और न ही हत्या का कारण

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अबूझ पहेली बनीं तीन हत्याएं, चार-चार टीमें लगाने के बावजूद पुलिस के हाथ खाली
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अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। कैल गांव में 16 व 27 जनवरी को एक ही तरीके से हुए दो मर्डर मामलों और रादौर में अगवा कर युवक को पीटकर हत्या करना, ये तीनों मामले पुलिस के लिए गुत्थी बनकर रह गए हैं। वारदात के महीने भर के बाद भी पुलिस के हाथ खाली है। तीनों ब्लाइंड मर्डर केस को सुलझाने के लिए एसपी ने चार-चार टीमें बनाई हुई है। लेकिन ये चारों पुलिस की टीमें अब तक ना तो हत्यारों का सुराग लगा पाई और ना ही हत्या करने की वजह जुटा पाई। कैल में हुए दोनों मर्डर एक ही हत्यारे द्वारा एक ही तरीके से किए गए माने जा रहे है, लेकिन पुलिस इसका कोई खुलासा नहीं कर पाई।
डेयरी कॉम्पलेक्स में डेयरी नौकर का मर्डर
15-16 जनवरी की रात को कैल स्थित डेयरी कॉम्पलेक्स में डेयरी के नौकर मोहन की हत्या कर दी गई थी। जानकारी के मुताबिक मोहन डेयरी में रात को अकेला रहता था। रात को डेयरी संचालक मोहन को खाना देने के बाद घर चला गया था। अलसुबह जब वह डेयरी पर पहुंचा तो उसने देखा कि मोहन अपने बिस्तर पर खून से लथपथ पड़ा हुआ है। उसके चेहरे, गर्दन व शरीर के अन्य अंगों पर तेजधार हथियार से काटने के निशान थे। मोहन की अंगूली भी काटी हुई थी। इस मामले में अभी तक पुलिस ने केवल अज्ञात पर हत्या का केस दर्ज किया हुआ है। मामले की सुलझाने के लिए सीआईए की दोनों विंग, डिटेक्टिव स्टाफ व सदर थाना पुलिस की टीमें बनाई हुई है।
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कैल में पौध नर्सरी चौकीदार मर्डर
कैल में डेयरी काम्पलेक्स में हुई नौकर मोहन की हत्या के 12 दिन बाद 27 जनवरी को कैल में ही पौध नर्सरी की देखरेख करने वाले यूपी के ज्योतिफूले नगर निवासी तेजपाल (45) की हत्या की दी गई। दोनों मर्डर एक ही तरीके से किए गए थे। मोहन की तरह तेजपाल भी रात के समय नर्सरी में बने कमरे में अकेले सोए हुए थे। शाम के समय नर्सरी संचालक पवन ने उसे फोन किया लेकिन फोन किसी ने उठाया नहीं। जिस पर पवन वहां पर पहुंचे तो उन्होंने खून से लथपथ तेजपाल का शव मिला। तेजपाल के मुंह, गर्दन, सिर और हाथों पर तेजधार हथियार के निशान मिले। उसकी हाथ की भी एक अंगुली कटी हुई थी। पुलिस ने मामले में अज्ञात पर हत्या के आरोप में केस दर्ज किया हुआ है। नौकर मोहन व चौकीदार तेजपाल की हत्या एक ही तरीके से की गई थी। दोनों अकेले रहते थे। इस मामले में भी पुलिस ने वहीं चार टीमें सुलझाने के लिए लगाई हुई है जो मोहन मर्डर केस की जांच कर रही है। लेकिन अभी तक पुलिस के हाथ कोई भी सुराग नहीं लग पाया।
कार में अगवा कर अधमरा कर फेंक दिया था युवक को, पीजीआई में तोड़ दिया था दम
27 जनवरी की रात को अज्ञात लोगों ने रादौर की दीपक कॉलोनी निवासी सोनू (30) को कार में अगवा कर पीट-पीटकर अधमरी हालत में हाइवे किनारे फेंक दिया था। अगले दिन पीजीआई चंडीगढ़ में सोनू ने दम तोड़ दिया। पुलिस ने मृतक युवक के पिता राजकुमार यादव की शिकायत पर अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया। सीसीटीवी में कार से सोनू को फेंकने की घटना कैद हुई थी। लेकिन इस मर्डर केस में भी पुलिस अभी तक आरोपियों का सुराग नहीं लगा पाई है और ना ही हत्या करने की वजह जान पाई है। रादौर एसएचओ रमेश कादियान का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। सीसीटीवी में ना तो कार का नंबर दिखाई दे रहा है और ना ही आरोपी। मामले को जल्द की ट्रेस कर लिया जाएगा।
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कैल में हुए दोनों मर्डर केसों को सुलझाने में सीआईए व डिटेक्टिव व सदर जगाधरी पुलिस की चार टीमें जांच कर रही है। पुलिस गहनता से हर एंगल से मामले की जांच कर रही है। जल्द ही दोनों केस सुलझा लिए जाएंगे। -रामफल, एसएचओ, सदर जगाधरी थाना
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