काला राणा व उसके साथियों के ठिकानों पर दे रही पुलिस दबिश , चार दिन बाद नहीं लगा पाई सुराग
पूर्व विधायक के भतीजे पर हुई फायरिंग के मामले में पुलिस के हाथ खाली, घायल हुए चालक की हालत खतरे से बाहर
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। जगाधरी वर्कशॉप रोड पर कमानी चौक के पास बुधवार रात पूर्व विधायक दिलबाग सिंह के भतीजे दिलराज सिंह पर हुए जानलेवा हमले में अभी तक पुलिस कोई भी सुराग नहीं लगा पाई। वारदात को चार दिन बीत चुके है। बावजूद इसके अभी तक पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर पाई। मामले को सुलझाने में सीआईए की दोनों टीम, डिटेक्टिव स्टाफ व शहर पुलिस लगी हुई है। हालांकि पुलिस काला राणा व उसके साथियों का रिकार्ड खंगाल रही है। पुलिस काला राणा व उसके साथियों के ठिकानों पर दबिश दे रही है। फिर भी पुलिस आरोपियों को पकड़ने में नाकामयाब है।
बॉक्स
ये था मामला :
पूर्व विधायक दिलबाग सिंह के भतीजा दिलराज सिंह चंडीगढ़ में आईलेट्स की कोचिंग ले रहा है। मंगलवार को वह वहां से अपने घर मार्डन कॉलोनी में आया था। बुधवार शाम को करीब साढ़े सात बजे वह खाने का सामान लेने के लिए वर्कशॉप रोड पर गया था। जब वह खाना लेकर अपनी इनोवा कार से घर की तरफ जा रहा था, तब कमानी चौक पर रेडलाइट पर वो खड़ा हो गए। वहां जाम भी लगा हुआ था। तभी विपरीत दिशा से एक बुलेट बाइक पर सवार होकर तीन युवक आए और इनमें से एक युवक ने पिस्टल निकाल कर दिलराज पर फायरिंग कर दी। गोली से बचने के लिए वह पीछे झुक गए। जिससे गोली शीशे को तोड़ती हुई सड़क किनारे खड़े ऑटो चालक अमरपुरी कॉलोनी निवासी धर्मपाल के कंधे पर लगी थी। गोली चलने पर दिलराज हड़बड़ा गया और उसने तुरंत गाड़ी चला दी और डिवाइडर पर टकराते हुए आगे निकल गए। सिटी थाना पुलिस ने मामले में दिलराज की शिकायत पर अज्ञात हमलावरों के खिलाफ हत्या के प्रयास के आरोप में केस दर्ज किया हुआ है। बतां दे कि पूर्व विधायक के भाई राजेंद्र पर जून 2017 में भी जानलेवा हमला हुआ था। उसे पैर में गोली लगी थी। आरोप है कि यह हमला भी उसी रंजिश के चलते करवाया गया है।
वर्जन
मामले की जांच की जा रही है। परिजनों ने शिकायत में काला राणा पर शक जताया है। जिसे पकड़ने के लिए उसके ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। जल्द ही मामले को ट्रेस आउट कर लिया जाएगा।
नरेंद्र सिंह, एसएचओ, शहर थाना यमुनानगर।