लापता हुए फाइनेंसर की बहन सामान लेने के लिए दुकान पर आई, लोगों ने चाबी छीन किया हंगामा
महिला बोली-मैं खुद भी पीड़ित हूं, मेरी जान बख्शों, हमें पुलिस प्रोटेक्शन चाहिए
कमेटियों के रूप में लोगों से करोड़ों रुपये लेकर फरार हुए फाइनेंसर का मामला
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर।
प्यारा चौक स्थित क्लासिक क्रियेशन शोरूम संचालक एवं फाइनेंसर संजय खुराना, उसकी पत्नी मोना खुराना व साला राजन कालड़ा को लापता हुए छह दिन बीत गए हैं, लेकिन उनका कोई पता नहीं चल सका है। रविवार को फाइनेंसर संजय खुराना की बहन रीतू शोरूम से सटी अपनी दुकान पर पहुंची और सामान निकालकर दुकान बंद करने लगी। तभी वहां फाइनेंसर से पैसे लेने वाले लोगों की भीड़ लग गई और हंगामा शुरू कर दिया। लोग महिला से बहस करते हुए अपने रुपये मांगने लगे। जिसके जवाब में महिला का कहना था कि उसके भी चार करोड़ रुपये फंसे हुए है। हंगामे के दौरान लोगों और फाइनेंसर की बहन के बीच जमकर बहस हुई। बाद में रीतू व उसका लड़का शिवम रोने लगे। लोगों के आगे हाथ जोड़कर उन्होंने कहा कि हमारी जान बख्श दें। हमारा उसके साथ कोई लेना देना नहीं। एक महिला ने कहा कि हम भी तो भीख मांग रहे है। हमारा लाखों रुपये हड़प लिया गया है। जिसको लेकर उनका घर तक बिक गया है। हंगामे की सूचना मिलने पर शहर थाना के एडिशनल एसएचओ प्रमोद कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और लोगों को समझा कर शांत किया।
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आपने साइन करके दिए थे चैक, अब क्यों मना कर रहे :
फाइनेंसर संजीव की बहन के साथ हंगामा होने पर जिन लोगों ने अपना पैसा लगाया हुआ था। उन लोगों ने सवालों की झड़ी लगा दी। मॉडल टाउन निवासी राजीव पाहवा ने कहा कि उसने व उसकी पत्नी ने 17-17 लाख रुपये संजीव खुराना व राजन कालड़ा को दिए थे। जिसके बाद रीतू ने चेक साइन करके उन्हें दिए थे। वहीं, ब्रिजेश चानना ने कहा कि संजीव खुराना ने उनसे 20 लाख लिए थे। इसके अलावा माडल टाउन निवासी मीनू ने बताया कि जून 2016 में उन्होंने आरोपी राजन कालड़ा व संजीव खुराना को आरटीएस के माध्यम से 41 लाख रुपये दिए थे। जिसके रीतू ने ही चेक साइन करके उन्हें दिया था। जब लोगों ने रीतू से पूछा कि आपने ही तो उन्हें साइन करके चेक दिए थे। अब क्यों मना कर रहे। इन रुपये को वापस लेने के लिए उसने कई बार संजीव से बातचीत की, लेकिन उसके रुपये नहीं दिए गए। इसके चलते उसका अपना घर तक बिक गया। अब वह किराये के मकान में रह रही है।
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मेरे कंधे पर बंदूक रखकर चलाई गोली :
रीतू ने बताया उसकी प्यारा चौक पर हैंडलूम की दुकान है। उसने अपने बेटे की पढ़ाई के लिए दुकान को चलाया। इसके बाद उसका छोटा भाई संजीव व उसके साला राजन कालड़ा ने उसकी दुकान के पास ही ऑफिस बनाया। जहां लोगों को फाइनेंस व कमेटी के लिए लोगों से पैसे लेने का काम करने लगा। उसने भी अपनी दुकान को गिरवी रखकर बैंक से चार करोड़ का लोन लिया। यह पैसा भी उनके पास फंसा हुआ है। इसी के चलते वह ऑफिस में काम उनके चेकों को साइन करके देती थी। उसने अपने छोटे भाई को अपने हाथों से खाना खिलाकर पाला। उसने ही उसके कंधे पर बंदूक रखकर गोली चलाई। उनके काम से उसका कोई लेना देना नहीं।
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लोगों को पैसा लेकर विदेश भागने का आरोप
हंगामा कर रहे कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि लोगों से कमेटियों का लाखों करोड़ों रुपये लेकर फाइनेंसर संजीव खुराना, राजन कालड़ा व मोना खुराना विदेश भाग गए है। लोगों ने बताया कि उनकी खून पसीने की कमाई लेकर आरोपी विदेशों में उड़ाएंगे।
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ये है मामला
माडल टाउन निवासी भाजपा नेताओं के करीबी राजन कालड़ा व संजीव खुराना ने प्यारा चौक के पास क्लासिक क्रियेशन शोरूम व फाइनेंस कार्यालय बनाया हुआ था। इसमें कमेटी डालने का भी काम किया जाता था। मध्यमवर्गीय लोग इमरजेंसी में कमेटी को उठाने के लिए पाई पाई जोड़कर कमेटी की रकम अदा करते थे ताकि आवश्यकता पड़ने पर पैसे को प्रयोग कर सके। 15 जनवरी को भाजपा नेता राजन कालड़ा, संजीव खुराना व मोना खुराना लापता हो गए। कुछ लोगों ने उनपर 50 लाख रुपये लेकर फरार होने का आरोप लगाया था। धीरे धीरे लोग उनके कार्यालय के बाहर जमा होने लगे। रविवार को कई अन्य लोग भी पैसे मांगने के लिए उनके शोरूम पर पहुंचे। अभी तक मामले में पुलिस ने माडल टाउन निवासी राजेंद्र कुमार की शिकायत पर लापता होने का केस दर्ज किया हुआ है।
वर्जन
हंगामे की सूचना पर पुलिस ने मौके पर जाकर लोगों को समझा दिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। पीड़ित शिकायत देंगे तो जांच कर उस पर कार्रवाई की जाएगी। चाहे तो लापता हुए लोगों के खिलाफ कोर्ट में याचिका दायर कर सकते है।-प्रमोद वालिया, एडिशनल एसएचओ, थाना शहर यमुनानगर।
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