खनन के अजब-गजब तरीके
पश्चिमी यमुना से रेत निकालने के लिए लिया जा रहा नाव का सहारा
-पंपसेट के माध्यम से पानी से निकाला जा रहा रेत
-किसानों को सता रहा है रिसाव का डर, पहले भी हो चुकी रिसाव की घटना
जठलाना
नदी, नहरों से खनन के लिए ठेकेदार व माफिया अजब गजब तरीके अपना रहे हैं। यमुना में जहां सीधे बड़ी-बड़ी मशीनें उतारी जा रही है। वहीं पश्चिमी यमुना नहर समेत अन्य नहरों में अलग-अलग तरीके से खनन किया जा रहा है। पश्चिमी यमुना नहर में पोकलाइन व जेसीबी उतारना मुश्किल है, इसलिए खनन के लिए नाव व पंप सेट का इस्तेमाल हो रहा है। दरअसल नहर की क्षमता बढ़ाने के लिए पिचिंग का ठेका दिया गया है। ताकि किनारे पक्के व मजबूत हो सके। रेत निकालने की परमिशन की आड़ में किनारों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। वहीं सिंचाई विभाग के अधिकारी इसे नियमों का उल्लंघन नहीं मान रहे। जबकि इस प्रकार से हो रहा रेत खनन भविष्य में पश्चिमी यमुना नहर के किनारों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है। जिसको लेकर लोगों में चिंता बनी हुई है।
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-किनारे टूटने का खतरा बढ़ा
ग्रामीण कुलदीप, अमरदीप, रविन्द्र, गुलशन इत्यादि का कहना है कि ठेकेदार द्वारा नावों के माध्यम से पश्चिमी यमुना नहर से रेत निकाला जा रहा है। जिससे यमुना नहर से खुदाई को कोई अनुमान नहीं लग पाता। जबकि अधिक खुदाई होने से भविष्य में यह किनारों के लिए खतरा पैदा कर सकते है। क्योंकि रेत निकालने का कार्य नहर के किनारों से कुछ ही दूरी पर किया जा रहा है। ऐसे में रेत खुदाई होगी तो किनारे कमजोर होते जाएंगे और अधिक पानी आने पर समस्या खड़ी जाएगी। खस्ताहाल किनारे कभी भी टूट सकते है। जिससे पश्चिमी यमुना नहर का पानी आबादी क्षेत्र में भी मार करेगा।
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-भारी वाहनों से पटरी को भी नुकसान
भारी वाहनों से रेत को भरकर नहर किनारे पटरी से ले जाया जाता है। लगातार गुजर रहे वाहन नहर की पटरी को पूरी तरह से जर्जर किए जा रहे है। लेकिन इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
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करनाल में टूट चुकी है नहर
कुछ समय पहले नहर में पहले से अधिक पानी छोड़ा गया। लेकिन पिंचिंग का कार्य न होने से रादौर क्षेत्र के गांव पोटली के समीप नहर से रिसाव शुरू हो गया। लेकिन समय रहते ग्रामीणों ने इस रिसाव को देख लिया और इसकी सूचना तुरंत विभाग के अधिकारियों को दी थी। लेकिन करनाल जिले में नहर का किनारा टूट गया और पानी साथ लगते गांवों में जा घुसा था।
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इस बारे में सिंचाई विभाग के एसडीओ राजेश यादव ने कहा कि रेत निकालने का कार्य परमिशन से किया जा रहा है। ठेकेदार किसी भी तरीके से खनन कर सकते है। उन्होंने कहा कि मौके पर जाकर जांच करेंगे अगर कुछ गलत हो रहा है तो कार्रवाई करेंगे।
-ठेकेदार अमृतलाल का कहना है कि फिलहाल 31 अक्तूबर तक उनके पास रेत निकालने की परमिशन है। इस कार्य में उन्हें पिंचिंग भी करनी है। नहर से पानी कम होने के बाद पिंचिंग का कार्य शुरू किया जाएगा।
फोटो नंबर 25, 26