माइनिंग माफिया के खिलाफ तो खनन विभाग के अधिकारी कोई कार्रवाई कर नहीं रहे। बल्कि अपने खेतों से मिट्टी उठाने वालों के खिलाफ एफआइआर करवा रहे हैं। जबकि अधिकारियों के सामने खनन होता है और वे आरोपियों को पकड़ नहीं पाते। अधिकारी खानापूर्ति के लिए छिटपुट एफआइआर दर्ज करवा कर अपना रिकार्ड बना रहे हैं। वहीं बड़े खनन माफिया अब भी धड़ल्ले से माइनिंग कर रहे हैं। ताजा मामला बुडिया थाने का है। माइनिंग विभाग के खनन रक्षक नारायण सिंह ने थाना बूड़िया में दी शिकायत में बताया कि उसे सूचना मिली थी कि गांव मंडौली गागड़ में गांव के नरेश कुमार व सलिंद्र कुमार द्वारा अपने खेतों में विभाग की अनुमति के बिना अवैध खनन किया जा रहा है। सूचना के आधार पर वे मौके पर पहुंचे तो देखा कि दोनों खेतों में अवैध खनन कर रहे थे। इस बारे में उन्होंने दोनों से बात की, लेकिन दोनों ने उनकी बात को मानने से मना कर दिया। इस पर उनके खिलाफ थाने में शिकायत दी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपियों पर अवैध खनन करने का केस दर्ज कर लिया।
इससे पहले शनिवार को दिनदहाड़े खिजराबाद क्षेत्र में यमुना के किनारे से खनन कर रहे लोगों की शिकायत ग्रामीणों ने की थी। आरोप है कि खनन अधिकारियों को शिकायत दी गई थी, लेकिन उन्होंने ग्रामीणों की नहीं सुनी। इसके बाद लोगों ने अवैध खनन की शिकायत स्पीकर कंवरपाल को दी। तब जाकर डीसी और एसपी ने कार्रवाई के निर्देश दिए और खनन अधिकारी से लिखित में शिकायत लेकर एफआइआर दर्ज की गई।