हत्या नहीं हार्ट अटैक से हुई थी रामखेड़ी सरपंच के पति की मौत, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुआ खुलासा
रिपोर्ट देख डॉक्टर भी हुए चकित, दोबारा जांच करने पर भी हार्ट अटैक ही आया मौत का कारण
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। रामखेड़ी सरपंच के पति देवेंद्र की मौत के मामले में नया मोड़ आया है। पुलिस ने मामले में जहां पहले चार लोगों पर हत्या का केस दर्ज किया था। लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण हृदय गति रुकना आया है। यह खुलासा मामले की जांच कर रहे डिटेक्टिव स्टाफ के इंचार्ज जयपाल आर्य ने किया।
उन्होंने बताया कि रामखेड़ी सरपंच के पति देवेंद्र बीती छह जनवरी को लेदाखास में अपनी कार में मृत मिला था। परिजनों ने उसके चार साथियों पर उसे जहरीला पदार्थ देकर हत्या करने का आरोप लगाया था। जिसके बाद पुलिस ने चार आरोपियों पर हत्या का केस दर्ज किया था। पैनल से पोस्टमार्टम कराने के बाद सैंपल गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज खानपुर कलां सोनीपत व कल्पना चावला अस्पताल करनाल भेजे गए थे। सैंपल की रिपोर्ट देखकर एक बार तक अस्पताल के डॉक्टर भी चकित रह गए। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सरपंच की मौत का कारण जहरीला पदार्थ निकलना नहीं आया। न ही कोई चोट लगने से उसकी मौत हुई। रिपोर्ट के आधार पर उसकी मौत हृदय गति रुकने से हुई। रिपोर्ट पर विश्वास न होने पर डॉक्टरों ने दो बार जांच कर रिपोर्ट तैयार की। जिसके उसकी मौत होना हार्ट अटैक ही बताया गया। डिटेक्टिव स्टाफ रिपोर्ट की फाइल छछरौली थाना पुलिस को भेजेगा। मामले में आगामी कार्रवाई छछरौली पुलिस द्वारा की जाएगी।
ये था पूरा मामला :
बीती छह जनवरी को सुबह नौ बजे लेदाखास के पास एक कार लावारिस हालत में खड़ी मिली थी, जिसमें एक युवक की लाश पड़ी थी। उसकी शिनाख्त रामखेड़ी की महिला सरपंच के पति देवेंद्र सिंह के रूप में हुई थी। उस समय पुलिस ने 174 की कार्रवाई की थी। देवेंद्र का शव देखकर परिजनों को शक हुआ और उन्होंने अपने स्तर पर जांच-पड़ताल की। जांच में बताया गया था कि देवेंद्र की कार बंद थी, लेकिन शीशे खुले हुए थे। घटनास्थल के सामने एक घर में लगे सीसीटीवी की फुटेज में देवेंद्र की कार के पास दूसरी कार आकर रुकी थी। यह कार थोड़ी देर के बाद चली गई। इससे प्रतीत होता था कि देवेंद्र को को मारकर कार में बिठाया गया है। मृतक के पिता हरभजन सिंह ने बताया था कि पांच जनवरी को उनका पुत्र देवेंद्र अपनी पत्नी व बेटे को लेकर जगाधरी बस स्टैंड छोड़ने गया था। वहीं पर उसे इस्माइलपुर निवासी एक व्यक्ति मिला, जिसके साथ देवेंद्र बेलगढ़ में अपने खेतों में चला गया, जहां पर उसकी जमीन है। उनका आरोप था आरोपी व्यक्ति ने अपने तीन अन्य साथियों के साथ मिलकर उसके बेटे देवेंद्र उर्फ खेला को शराब पिलाई और शराब में कुछ जहरीली चीज मिलाकर देवेंद्र को पिला दी, जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस ने तब हरभजन सिंह की शिकायत पर ईस्माइलपुर निवासी काला और उसके भाई नीटू सहित चार के खिलाफ जहर देकर हत्या करने का मामला दर्ज किया था।