एक ही बच्चे को बदल बदल कर गोद लेकर भीख मांगती थी ननद व भाभी, पकड़ी
ननद का था लड़का, दोनों बदल बदल कर मांगती थी भीख
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। शहर में दो महिलाएं एक ही बच्चे को बदल बदल कर गोद में उठाकर भीख मांगती थी। बच्चे को देखकर लोग तरस खाकर उन्हें भीख देेते थे। इन महिलाओं में एक बच्चे की मां थी तो दूसरी मामी थी। भीख मांगने के लिए दोनों भाभी ननद बच्चे का इस्तेमाल करती थी। एक ही बच्चे को समय समय पर दो महिलाओं की गोद में देख कुछ लोगों ने इसकी सूचना चाइल्ड लाइन में की।
चाइल्ड लाइन की टीम ने मुल्तानी फास्ट फूड के पास से एक महिला को बच्चे के साथ भीख मांगते हुए पकड़ा। जब सख्ती से पूछताछ की गई तो उसने बताया कि ये बच्चा उसका नहीं है। यह उसकी ननद का बच्चा है। इस पर पुलिस को सूचित किया गया। महिला के पकड़े जाने की सूचना पर उसके साथ के कुछ और लोग भी वहां आ गए जो पास ही में भीख मांगने का काम कर रहे थे इन्ही लोगों में बच्चे की असली मां भी शामिल थी। चाइल्ड लाइन की टीम ने जब बच्चे की मां से पूछा तो उसने बताया कि वे बच्चे को गोद बदल बदल कर भीख मांगती हैं। इस पर टीम ने उन्हें सख्ती से समझाया व भविष्य में ऐसा करते हुए पकड़े जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
चाइल्ड लाइन की निदेशिका अंजू बाजपई ने कहा कि बाल भिक्षावृति या बच्चों को ढाल बना कर भीख मांगने की प्रथा ने समाज में बहुत बुरी तरह पांव पसार रखे हैं। इस प्रथा में बच्चों का सबसे ज्यादा इस्तेमाल माता पिता ही कर रहे हैं। लोग भी बच्चे को गोद में देख कर भावुकतावश देख कर भीख दे देते हैं और जाने अनजाने इस सामाजिक बुराई के साथ साथ एक गैर कानूनी अपराध को भी बढ़ावा दे देते हैं। उन्होंने कहा कि बाल भिक्षावृति के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। चाइल्ड लाइन के कोऑर्डिनेटर भानू प्रताप ने बताया कि अभियान का असर ये हो रहा है कि लोग लगातार 1098 पर इस प्रकार से शोषित हो रहे बच्चों की सूचना दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस अभियान में पुलिस विभाग से एएसआई प्रवीन कुमार व एएसआई बलवीर सिंह की टीम ने सहयोग किया। भानू प्रताप ने बताया कि इस दौरान चाइल्ड लाइन ने लोगों से इस प्रकार से भीख न देने की अपील की।
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