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अस्पताल को लगा दो आग बोल हाईवे पर उतरे परिजन, मरीज व तीमारदार आए बाहर, डॉक्टरों के उड़े होश

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फंदे पर लटकी मिली केयरटेकर, परिजनों ने हत्या का आरोप लगा दाबड़ा अस्पताल में किया हंगामा
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अस्पताल को लगा दो आग बोल हाईवे पर उतरे परिजन, मरीज व तीमारदार आए बाहर, डॉक्टरों के उड़े होश
- बवाल के दौरान डॉक्टरों के साथ भिड़े परिजन, मृतका की मां व भाई घायल
- अस्पताल के ऊपर बने डॉक्टर के घर में अपने कमरे में फंदे पर लटकी मिली 17 वर्षीय केयरटेकर, बेड पर पड़ी हुई थी कुर्सी
- सीसीटीवी में कुर्सी लेकर कमरे में जाती दिखी
- अस्पताल के सामने नेशनल हाईवे जाम करने का किया प्रयास, पुलिस ने समझाकर हाईवे से हटाए
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। कमानी चौक के नजदीक स्थित दाबड़ा अस्पताल के ऊपर बने दंपति डॉक्टर के घर में उनके बच्चों की 18 वर्षीय केयरटेकर अपने कमरे में फंदे पर लटकी मिली। मृतका के परिजनों ने दंपति डॉक्टर पर हत्या कर फंदे पर लटकाने का आरोप लगा अस्पताल में जमकर बवाल मचाया। परिजनों व डॉक्टर के बीच जमकर मारपीट हुई। इसमें मृतका की मां व भाई घायल हो गए। इसके बाद अस्पताल को आग लगा दो बोलकर परिजन हाईवे पर आ गए। यह सुन कुछ मरीज बाहर आ गए, जिससे चिकित्सकों के हाथ पांव फूल गए और सूचना पुलिस को दी। परिजनों ने हाईवे पर जाम लगाने का प्रयास किया। शहर एसएचओ ओमप्रकाश पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझाकर हाईवे से हटाया। मामले में पुलिस ने आरोपी दंपति डॉक्टर के खिलाफ हत्या के आरोप में केस दर्जकर कार्रवाई शुरू कर दी है।
मृतका की मां ने ये दिए पुलिस को बयान : पुराना हमीदा निवासी सुशीला तिवारी ने पुलिस को दी शिकायत में कहा कि उसके पास नौ बच्चे है। उसकी सातवें नंबर की बेटी निशा (18) कमानी चौक स्थित दाबड़ा अस्पताल के संचालक डा. अजय दाबड़ा व उसकी पत्नी मिनाक्षी दाबड़ा के बच्चों की केयरटेकर थी और घरेलू काम भी करती थी। दंपति डॉक्टर ने अस्पताल के ऊपरी फ्लोर पर ही घर बनाया हुआ है। मंगलवार दोपहर को डा. अजय दाबड़ा का भाई आशीष बाइक पर उनके घर आया और कहा कि निशा की तबीयत ज्यादा खराब है। यह पता चलते ही वे तुरंत उसके साथ अस्पताल पहुंच गई। अस्पताल पहुंचकर उसने डॉक्टर को अपनी बेटी दिखाने की बात कहीं, लेकिन डॉक्टर ने उसे बिठा लिया और पानी पिलाया। इसके बाद उसे सीसीटीवी वीडियो दिखाने लगे। जिसमें उसने देखा कि उसकी बेटी लकड़ी की कुर्सी व गुलाबी रंग की चुन्नी हाथ में लेकर जाती दिखाई दी। यह देखते ही वह बेहोश हो गई। इसके बाद डॉक्टर उसे उसकी बेटी के कमरे पर ले गया। डा. अजय ने कमरे का ताला खोला तो उसने देखा कि उसकी बेटी का शव अंदर कमरे में पंखे से चुन्नी के फंदे पर लटका हुआ था। बेड पर लकड़ी की कुर्सी रखी हुई थी। उसने अपनी बेटी की जफ्फी भरनी चाही, लेकिन नर्स ने उसे कमरे से बाहर निकाल दिया। बाद में जब उन्होंने शव को देखा तो वह काफी अकड़ा हुआ था। सुशीला तिवारी का आरोप है कि उसकी बेटी की हत्या कर उसे फंदे पर लटकाया गया है।
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करीब 20 मिनट जमकर हुआ हंगामा : निशा की मौत की खबर सुनते ही उसके अन्य परिजन भी कुछ ही देर में अस्पताल पहुंच गए। परिजनों ने यहां डॉक्टर दंपति से बातचीत की। डॉक्टर दंपति निशा के सुसाइड करने की बात कह रहे थे, जबकि परिजन उनपर हत्या का आरोप लगा रहे थे। इसी बात को लेकर दंपति डॉक्टर व परिजनों में जमकर मारपीट हुई। परिजनों ने कुर्सियों को इधर उधर फेंकना शुरू किया। मारपीट में निशा की मां सुशीला व भाई गुलशन को चोटें आई। हंगामे के दौरान अस्पताल में लोगों को जमावड़ा लग गया। कुछ ही देर बाद एसएचओ ओमप्रकाश, एसआई बलबीर सिंह, एचसी निर्मल व अन्य पुलिस कर्मी मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिजनों को समझाकर हाईवे से हटाया।

11 मई को हुई बड़ी बेटी की शादी का 11200 का शगुन लेकर आई थी निशा : सुशीला तिवारी ने बताया कि निशा करीब एक साल से अस्पताल संचालक के घर नौकरी कर रही थी। 11 मई को उसके छठे नंबर की बेटी पूजा की शादी की थी। शादी में करीब 11200 रुपये का शगुन मिला था। जो निशा लेकर आ गई थी। मंगलवार को डा. मिनाक्षी का उसके पास फोन आया था। जिसमें उसने पूछा था कि आपने निशा को कितने पैसे देकर भेजे, तो उसने बताया था कि शगुन के पैसे लेकर गई है। तब उसने कहा था कि कुंवारी लड़की को इतने पैसे क्यों दिए। इसके बाद फोन काट दिया। इसी बात को लेकर आरोपियों ने उसकी हत्या की।

डॉक्टर बोले, सीसीटीवी फुटेज में सुसाइड करते दिख रही निशा : दाबड़ा अस्पताल के संचालक डा. अजय दाबड़ा का कहना है कि लड़की कई दिन से परेशान चल रही थी। निशा ने सुसाइड किया है। जिसकी फुटेज उसके कमरे में लगे सीसीटीवी कैमरे में है। फुटेज में लड़की कमरे के बाहर से कुर्सी व गुलाबी रंग की चुन्नी लेकर आती दिखाई दे रही है। इसके बाद उसने बेड पर कुर्सी रखकर छत के पंखे पर चुन्नी बांध फंदा लगाया। हालांकि डॉक्टर ने यह फुटेज देने से मना कर दिया।
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दाबड़ा अस्पताल में हंगामे की सूचना पर मौके पर गया था। परिजनों को समझाया गया। मामले में पुलिस ने दंपति डॉक्टर के खिलाफ हत्या के आरोप में केस दर्जकर लिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के सही कारणों का पता चल पाएगा।
- इंस्पेक्टर ओमप्रकाश, एसएचओ, थाना शहर यमुनानगर।
फोटो : 16 से 20
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