बेटी की जिद के आगे नहीं चला मां बस और दे दी चलाने को साइकिल, पीछे से काल बन सौ मीटर घसीट ले गया ट्रक
लोगों में ओवरलोड पर कार्रवाई न करने का मलाल, ट्रक से तोड़फोड़ कर लगाई आग, फिर एनएच-73ए पर लगाया जाम जब पुलिस पहुंची, तब ट्रक से सुलग रही थी आग, साथ में था लोगों का जाम, खदेड़ने को करना पड़ा हल्का बल प्रयोग
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। बेटी की जिद के आगे मां का बस न चला। ममता के आगे घुटने टेक बेटी को चलाने को साइकिल दे डाली। फिर क्या था, एक किलोमीटर दूरी पर डिवाइडर के कट का मोड़ मां की जिंदगी का आखिरी मोड़ साबित हुआ। मुड़ते ही पीछे से काल बनकर आया ट्रक सौ मीटर तक मां को घसीट ले गया। बेटी टक्कर खाकर सड़क किनारे जा गिरी। हादसा बुधवार सुबह साढ़े आठ बजे एनएच-73ए (जगाधरी-पौंटा) पर हुआ। इसमें उधमगढ़ में किराये के मकान में रह रहे मूल रूप से यूपी के फैजाबाद निवासी बिंदू (35) की मौत हो गई और उसकी 15 वर्षीय बेटी कोमल की बाई टांग फ्रेक्चर हो गई, जिसे ट्रॉमा सेंटर से पीजीआई रेफर कर दिया गया। ट्रॉमा सेंटर में टांग पर पलस्तर चढ़ाए जाने के दौरान कोमल ने बताया कि रोज उसकी मां की उसे साइकिल पर रोज स्कूल छोड़ने जाती थी, लेकिन बुधवार को स्कूल जाते वक्त उसने मां से साइकिल चलाने की जिद की। मां ने पहले मना किया, फिर उसे चलाने को साइकिल दे दी। डिवाइडर से मुड़ते वक्त लगा कि दूसरी ओर से सामने से आते ट्रक से पहले क्रॉस कर लेगी, लेकिन ट्रक ने पीछे से टक्कर मार दी। इसके बाद क्या हुआ, उसे कुछ याद नहीं आ रहा है। कोमल ने बताया कि वह मानकपुर के सरकारी स्कूल में पढ़ती है। पिता शिवराम मानकपुर इंडस्ट्रियल एरिया में फैक्ट्री में खराद का काम करते हैं वहीं, मां भी एक फैक्ट्री में काम करती थी।
बजरी से ओवरलोड 18 टायर वाले ट्रक की रफ्तार का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि साइकिल के परखच्चे उड़ गए, बुरी तरह से ट्रक की चपेट में आने महिला के शव हो हादसे वाली जगह पर शव के चीथड़ों के साथ लंगर पड़े टायरों वाली साइकिल व मां-बेटी की चप्पले और स्कूल बैग पड़े थे। जिसे देख हर कोई रूककर देखने लगा और मौके लोगों की भीड़ लग गई। हर कोई हादसे का मंजर देख कांप गया।
लोगों में ओवरलोड पर कार्रवाई न करने का मलाल, ट्रक से तोड़फोड़ कर लगाई आग, फिर एनएच-73 पर लगाया जाम:
गुस्साए आसपास के लोगों ने ईंट-पत्थरों से ट्रक के शीशे तोड़ डाले और उसे आग के हवाले कर दिया। इसके बाद लोगों ने एनएच-73ए (जगाधरी-पौंटा) पर मानकपुर इंडस्ट्रियल एरिया के मुख्य गेट के सामने जाम लगा दिया और प्रशासन के खिलाफ ओवरलोड पर कोई कार्रवाई न करने के रोष में नारेबाजी शुरू कर दी। हादसे के बाद लोगों द्वारा लगाए जाम से दोनों ओर सैकड़ों लकड़ी व खनन सामग्री से लदे ट्रकों, डंपरों व ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की कतारें लग गईं, जिन्हें घंटे भर परेशानी का सामना करना पड़ा।
जब पुलिस पहुंची, तब ट्रक से सुलग रही थी आग, साथ में था लोगों का जाम, खदेडने को करना पड़ा हल्का बल प्रयोग: हादसा करीब साढ़े आठ बजे के आसपास हुआ। इसके बाद राहगीरों ने गंभीर रूप से घायल बच्ची को यमुनानगर के ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया। इसके बाद आसपास के लोग मौके पर जुटने लगे। एनएच-73ए पर पहले भी हो चुके हादसों के बाद बुधवार को फिर एक महिला की मौत पर लोगों के सब्र का बांध फूट पड़ा। उन्होंने पथराव कर ट्रक के शीशे तोड़ दिए और ट्रक को आग के हवाले कर दिया। वहीं, मौके पर जाम लगाकर ओवरलोड पर प्रशासन द्वारा कोई कार्रवाई न किए जाने के रोष में नारेबाजी शुरू कर दी। सूचना पाकर पहुंची पुलिस फोर्स ने हल्के बल का प्रयोग कर लोगों को खदेड़ दिया और फायर ब्रिगेड गाड़ी बुलाकर ट्रक में लगी आग पर काबू पाया।
हादसे के बाद भी पुलिस के सामने से गुजर गए ओवरलोड वाहन: हादसे के बाद लोगों के जाम में लकड़ी व खनन सामग्री से ओवरलोड वाहन फंसे नजर आए। इसके बाद जाम खुलने पर पुलिस के सामने ही वह बिना रोक-टोक निकल गए। बता दें कि बीती तीन जनवरी को जिला प्रशासन ने ओवरलोड वाहनों पर अंकुश लगाने को जिले में 14 स्थानों पर नाके लगाए थे। नाके लगाए जाने के बाद सैकड़ों वाहनों के चालान की कार्रवाई से ओवरलोड पर कुछ हद तक अंकुश भी लगा। जबकि माह भर से नाके हटा लिए जाने से सड़कों पर ओवरलोड वाहन फिर से दौडने लगे हैं। इसका असर हादसों के रूप में भी दिखाने लगा है वहीं, ओवरलोड वाहन सड़कों को नुकसान के साथ जाम की वजह बन रहे हैं।
इसी डिवाइडर के कट से मानकपुर इंडस्ट्रियल एरिया में प्रवेश करते हजारों वाहन, नहीं कोई ट्रैफिक कंट्रोल डिवाइस: जिस डिवाइडर के कट से मुड़ते हुए हादसा हुआ। यहीं से रोजाना हजारों लकड़ी व अन्य कच्चा माल भरे व अन्य वाहन मानकपुर इंडस्ट्रियल एरिया में प्रवेश करते हैं। जबकि दूसरी ओर छछरौली की ओर से खनन सामग्री से भरे व अन्य वाहन तेज रफ्तार आते हैं। ऐसे में हर वक्त हादसे की आशंका रहती है। बावजूद इसके डिवाइडर पर कोई ट्रैफिक कंट्रोल डिवाइस नहीं है। जबकि ओम सेवा संस्थान के चेयरमैन सुशील आर्य की मानें तो डिवाइडर पर फोर लेन ब्रेकर कैट लाइन, प्री इंफ्रोमेटरी बोर्ड, जेबरा लाइन व क्रासिंग होनी चाहिए। जबकि मौके पर ऐसा कुछ नहीं है। जबकि डिवाइडर जगह-जगह से उखड़ रहा है और हाइवे किनारों पर काफी मिट्टी जमी हुई है।
अज्ञात ट्रक चालक और जाम लगाने वालों में पांच नामजद सहित 20-25 अन्य पर केस दर्ज: थाना सदर जगाधरी प्रभारी नवीन कुमार ने बताया कि मृतका के पति शिवराम के बयान पर हादसे को अंजाम देकर फरार अज्ञात ट्रक चालक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। साथ ही मांडखेड़ी निवासी गोल्डी पारो, जगाधरी के केसरनगर निवासी मोहित, मांडखेड़ी निवासी कमल, मिथुन यादव साबापुर निवासी विक्की कांबोज सहित 20-25 अन्य के खिलाफ आईपीसी की धारा- 148, 149, 186, 283, 341, 435 और एनएच एक्ट में केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।