फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पेट में बच्चे की मौत होने से दुष्कर्म पीड़िता की हालत बिगड़ी, अस्पताल में भर्ती

विज्ञापन
विज्ञापन
दुष्कर्म पीड़ित किशोरी का तीन माह का गर्भ गिरा, हालत बिगड़ी
विज्ञापन


- जिला बाल संरक्षण यूनिट ने की काउंसलिंग
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर।
एक गांव में दुष्कर्म के बाद गर्भवती हुई 15 वर्षीय किशोरी के गर्भ में तीन माह के बच्चे की मौत हो गई। खून की उल्टियां आने पर उसकी हालत बिगड़ गई। गंभीर हालत में किशोरी को अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां उसका गर्भपात कराया गया। पीड़िता का डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है। मंगलवार को उसकी सेहत में सुधार हुआ तो जिला बाल संरक्षण अधिकारी ऋचा बुद्धिराजा, संरक्षण अधिकारी प्रीति वत्स व लीगल अधिकारी रंजन शर्मा बच्ची व परिजनों से मिले। उन्होंने किशोरी की काउंसिलिंग कर स्ट्रेस कम करने का प्रयास किया। साथ ही लड़की के परिजनों से बातचीत लड़की व परिवार के दो बच्चों को निशुल्क शिक्षा दिलाने व केस लड़ने के लिए वकील का प्रबंध करने का भरोसा दिलाया। डॉक्टरों के मुताबकि किशोरी की हालत खतरे से बाहर है और कुछ दिन बाद ही पीड़िता को अस्पताल से छुट्टी दी जाएगी।
घर ले जाने पर बिगड़ी हालत
लड़की के दादा ने बताया कि मामला दर्ज होने के बाद पांच मई को पुलिस ने उसकी पोती का मेडिकल कराया। जिसमें दुष्कर्म की पुष्टि हुई और उसके पेट में तीन माह का गर्भ बताया गया। मेडिकल कराने के बाद वे अपने घर आ गए। घर आने के बाद उसकी पोती को खून की उल्टियां लगीं। वे उसे ट्रॉमा सेंटर लेकर पहुंचे। चिकित्सकों ने जांच के बाद बच्चा मृत पाया।
विज्ञापन


नियमित की जाएगी काउंसिलिंग :
जिला बाल सरंक्षण अधिकारी डॉ. ऋचा बुद्धिराजा ने बताया कि उनकी यूनिट नियमित समय पर किशोरी की काउंसिलिंग करेगी। बच्ची को अस्पताल से छुट्टी मिलती है तो उसके घर जाकर फॉलोअप करवाया जाएगा। पॉक्सो के मामले को पूरी संवेदनशीलता से लिया जाता है। इस प्रकार के मामलों में पीड़ित परिवार से किसी प्रकार का समझौता न हो इस पर पूरा ध्यान दिया जाएगा।
विज्ञापन


मुफ्त कानूनी सहायता देगी सरकार
लीगल अधिकारी रंजन शर्मा ने बताया कि पीड़ित परिवार को केस लड़ने के लिए जिला विधि सेवा प्राधिकरण की ओर से मुफ्त कानूनी सहायता उपलब्ध करवाई जाएगी। सरकार की तरफ से वकील उपलब्ध करवाया जाएगा। इसेे अलावा महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से चलाई जा रही स्पॉन्सरशिप स्कीम के तहत पीड़ित परिवार के दो बच्चों को निशुल्क शिक्षा दी जाएगी। पीड़िता की पढ़ाई में रुकावट न हो इसका भी विशेष ध्यान रखा जाएगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें