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जेल में हो रही मोबाइलों की एंट्री, पांच माह पहले कैदी भी हो गया था एग्जिट

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जिला जेल में फिर मिले मोबाइल
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जिला जेल में 2017 से अब तक मिल चुके 25 मोबाइल, सवालों के घेरे में जेल की व्यवस्था
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। जिला जेल में मोबाइल मिलने का सिलसिला जारी है। वीरवार की शाम को भी चेकिंग के दौरान जेल के स्नानघर से दो मोबाइल और एक-एक चार्जर और सिम बरामद हुए। 2017 से अब तक मोबाइल मिलने के 25 केस हो चुके हैं वहीं, पांच माह पहले कैदी भी चोरी-छिप्पे जेल से भागा था।
जेल सूत्रों की मानें तो बाहर से कोई अंदर मोबाइल फेंके जाते हैं। इससे जेल प्रशासन भी परेशान हैं। सभी मामलों में कार्रवाई महज केस दर्ज कराने तक सिमटी हुई है। जेल में मोबाइलों की एंट्री रोकने, सुरक्षा को और चौकस करने की कोई पुख्ता प्रबंध नहीं हैं। यहीं नहीं जिला जेल में सबसे जरूरी मोबाइल जैमर तक नहीं है। जेल के डिप्टी सुपरिंटेंडेंट विवेक सांगवान की शिकायत पर थाना जगाधरी पुलिस ने मौका मुआयना कर अज्ञात पर अधिनियम-42 ए परिजन एक्ट के तहत केस दर्ज लिया।
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जगाधरी जेल के उप अधीक्षक विवेक सांगवान ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि गुरुवार शाम सवा चार बजे वह जेल के स्नान घरों की नियमित जांच कर रहे थे। इस दौरान कमरा नंबर चार के स्नान घर से उन्हें दो मोबाइल फोन बरामद हुए। उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी। मामले की जांच अधिकारी थाना शहर जगाधरी पुलिस में एचसी विजय कुमार ने कहा कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

24 घंटे चौकसी के बाद भी जेल में पहुंच रहे मोबाइल
बता दें कि जिला जेल में 24 घंटे चौकसी के लिए कर्मचारी तैनात रहते हैं और जेल से कैदियों व बंदियों को कोर्ट में पेशी व अस्पताल इलाज के लिए ही ले जाया जाता है। इस दौरान उनकी पूरी तलाशी ली जाती है। इसके अलावा जेले में सीसी कैमरे भी लगे हैं, बावजूद इसके जेल के अंदर मोबाइल पहुंच रहे हैं। जेल के सामने बिलासपुर रोड है, जबकि पीछे दूर तक खेत ही खेत हैं। जेल सूत्रों की मानें तो यहीं से जेल के अंदर मोबाइल फेंके जाते हैं, बावजूद इसके जेल प्रशासन जेल के अंदर मोबाइलों की एंट्री पर रोक लगाने को कोई तोड़ नहीं निकाल पा रहा है।

सीसी कैमरे तो हैं पर जैमर नहीं
जिला जेल में सीसी कैमरे लगे हैं, इसके बावजूद मोबाइल कैसे अंदर पहुंच रहे हैं। यह पता लगाने में मदद नहीं मिल पा रही है। कई मामलों में मोबाइल के साथ सिम भी मिले, जिससे अंदेशा जताया जा सकता है कि जेल से फोन भी किए जाते हैं। लेकिन इस पर रोक लगाने को जेल में जैमर की व्यवस्था नहीं हैं। हालांकि जेल अधिकारी की मानें तो सरकार की ओर से योजना है और जल्द इन्हें लगा दिया जाएगा।
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पाइप के सहारे भाग निकला था सजा काट रहा झपटमार
जिला जेल में न सिर्फ बार-बार मोबाइल मिल रहे हैं, बल्कि 13 अगस्त 2017 की रात एक कैदी चोरी-छिपे जेल से भाग निकला था। अंबाला कैंट की गुजराती कॉलोनी निवासी केकी नाम के व्यक्ति को 28 जुलाई 2016 को जीआरपी (यमुनानगर-जगाधरी रेलवे स्टेशन) ने रेलवे के ओवरब्रिज के पास से पकड़ा था, जिससे 45 हजार रुपये का आईफोन मिला। जांच में पता चला ये मोबाइल अमृतसर के युवक का है, जिससे केकी छीनकर फरार हुआ। मामले में करीब एक साल चली सुनवाई के बाद कोर्ट ने केकी को छह जुलाई को पांच साल की सजा सुनाई थी। सजा होने के माहभर बाद ही केकी जेल की रसोई से टोंटी के पाइप के सहारे छत के रास्ते जेल के पीछे कूदकर फरार हो गया था। जेल में लगे सीसी कैमरों में भी कैदी के भागने की फुटेज कैद हुई। तब डीजीपी और आईजी ने भी जेल में पहुंचकर व्यवस्था का जायजा लिया था।
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जिला जेल में हर समय चौकसी बरती जाती है और नियमित चेकिंग होती है। फिलहाल जेल में जैमर नहीं हैं, इन्हें लगाने की योजना है। जल्द जैमर भी लगाए जाएंगे।
- रतन सिंह, एसपी, जिला जेल

फोटो-6 व 7
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