प्लंबर को अगवा कर मांगी 50 हजार की फिरौती, सीआईए टू ने 24 घंटें में करवाया मुक्त
रादौर बस स्टैंड से बीट कार में अगवा कर प्लंबर को जींद ले गए थे चार युवक
फिरौती की रकम लेने आए तो पुलिस ने योजना बनाकर दबोचे
पकड़े गए तीन आरोपी जींद के, एक रादौर का रहने वाला
रादौर निवासी एक आरोपी ने प्लंबर का काम करवाने के बहाने साथियों संग मिलकर किया था अपहरण
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर।
रादौर से चार युवकों ने प्लंबर का अपहरण कर उसके परिवार से 50 हजार रुपये की फिरौती मांगी। चोरी की कार में अपहरण करके बदमाश प्लंबर को जींद में सुनसान जगह ले गए। यहां उसे बंधक बनाकर रखा। परिजनों ने शिकायत एसपी को दी। एसपी ने सीआईए टू इंचार्ज संदीप को जिम्मेदारी सौंपी। सीआईए टू की टीम ने 24 घंटें के भीतर अपहृत युवक को बदमाशों के चंगुल से छुड़वाकर चार बदमाशाें को गिरफ्तार कर लिया है। तीन आरोपी जींद के रहने वाले हैं, जबकि एक रादौर का है। मुख्य आरोपी पर करीब 15 मामले लूट व डकैती के दर्ज हैं। चारों आरोपियों को पुलिस ने कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया है।
एसपी राजेश कालिया ने बताया कि रादौर के खेड़ा मोहल्ला निवासी रणधीर का बेटा कर्णपाल उर्फ सोनू प्लंबर का काम करता है। 15 जनवरी को वह सुबह काम के लिए जा रहा था। रादौर बस स्टैंड के पास चार आरोपियों ने बीट कार में उसका अपहरण कर लिया। उसे जींद क्षेत्र में सुनसान घर में ले गए। यहां उसके साथ पहले मारपीट की, फिर उसे बंधक बना लिया। आरोपियों ने उसी के फोन से उसके घर फोन करके 50 हजार रुपये की फिरौती मांगी। परिजनों ने 16 जनवरी को रादौर पुलिस में अज्ञात पर केस दर्ज करवाया। मामले को सुलझाने की जिम्मेदारी सीआईए-टू इंचार्ज संदीप कुमार को सौंपी गई। टीम ने आरोपियों को पकड़ने की योजना बनाई। योजना के तहत टीम ने परिजनों के साथ मिलकर आरोपियों को फिरौती की रकम लेने के लिए बुलवाया। योजना अनुसार बुधवार को बीट कार में चारों आरोपी फिरौती की रकम लेने रादौर आ रहे थे। टीम ने सांगीपुर नाके पर चारों को कार सहित गिरफ्तार कर लिया। आरोपी जींद के राजनगर पटियाला चौक निवासी सुनील उर्फ काला, रादौर निवासी सुमेर, जींद के कंडेला निवासी मुनीष और अमन है। आरोपियों से सोनू को भी छुड़वा लिया। उसका मेडिकल ट्रॉमा सेंटर में करवाया।
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प्लंबर का काम करवाने के सुमेर ने सोनू का बिठाया था कार में
इंचार्ज संदीप कुमार ने बताया कि रादौर का सुमेर सोनू का जानकार था। सुमेर ने सोनू को कहा था कि उसके जानकार अपने घर में प्लंबर का काम करवाना चाहते हैं। इसी बहाने से वह उसे रादौर बस स्टैंड के पास ले गया और कार में बिठा लिया। इसके बाद अंदर बैठे सुनील और उसके साथियों ने उसका मुंह बंद कर दिया। उसे कारसुनील उर्फ काला के जींद के नरवाना रोड पर स्थित घर ले गए। वहां पर पीड़ित को ले जाकर कमरे में बंद कर दिया। इसके बाद उसके साथ मारपीट की और डंडे व लोहे की पाइप से उसे लहूलुहान कर दिया। फिर सोनू के फोन से उसके घर पर फोन किया और 50 हजार रुपये की फिरौती मांगी।
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फिरौती के लिए चार बार किया फोन :
आरोपियों ने चार बार फिरौती के लिए फोन किया और फिरौती न देने पर पीड़ित को जान से मारने की धमकी भी दी। इधर, सीआईए-टू की टीम पीड़ित परिवार से संपर्क में थी। आरोपियों की हर गतिविधि पर उनकी नजर थी। जैसे ही आरोपियों का फिरौती के लिए फोन आया तो पीड़ित के परिवार ने पैसे देने के लिए रादौर बुला लिया। आरोपी पैसे लेने रादौर आए तो टीम ने उन्हें धर दबोचा।
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कंडेला से चुराई थी कार :
जिस कार में आरोपियों ने सोनू को अगवा किया था वो आरोपी सुनील उर्फ काला ने जींद के कंडेला गांव से चोरी की थी। आरोपी सुनील उर्फ काला पर पहले भी 15 मामले चोरी, लूट, डकैती के दर्ज हैं। आरोपी सुनील आठ दिसंबर को ही जेल से बाहर आया था। मुख्य आरोपी सुनील कुमार के मकान में ही अपहृत हुए सोनू को बंधक बनाकर रखा गया था।
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पिस्टल खरीदने के लिए मांगी फिरौती :
इंचार्ज संदीप ने बताया कि आरोपी सुमेर नशे का आदी है और वह जींद निवासी तीनों आरोपियों के साथ स्मैक खरीदने उत्तर प्रदेश जाते थे। जींद से वे रादौर आते और फिर यूपी जाते। इस प्रकार चारों की आपस में दोस्ती हो गई और उन्होंने योजना बना कर अपहरण किया। सुनील उर्फ काला को पिस्टल खरीदने के लिए पैसे चाहिए थे। इसी के लिए सोनू को अगवा किया था।
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एसपी के निर्देशों पर योजना बनाकर चारों आरोपियों को पकड़ा है। आरोपियों के पास से अगवा किए सोनू को छुड़वा लिया है। आरोपियों से टीम पूछताछ कर रही है। आरोपियों से अन्य मामलों के खुलासे की उम्मीद है।
इंस्पेक्टर संदीप कुमार, इंचार्ज, सीआईए-टू, यमुनानगर।
फोटो : 31 व 32