उल्टी आने पर वाहन रोका तो पीछे से डंपर ने मारी टक्कर, एक युवक की मौत, छह घायल
शेरपुर मोड़ पर फिर हुआ जानलेवा हादसा
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर/छछरौली। सहारनपुर से यमुनानगर के जोगिंद्र नगर में रिश्तेदारी में आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में भाग लेने आ रहे श्रद्धालुओं से भरे तीन वाहनों को तेज रफ्तार डंपर ने टक्कर मार दी। हादसे के समय तीनों वाहन जगाधरी-पौंटा साहिब नेशनल हाइवे 73ए पर शेरपुर मोड़ के नजदीक सड़क किनारे खड़े हुए थे। डंपर की पिछले वाहन में टक्कर लगने से तीनों वाहन आपस में भिड़ गए और एक वाहन सड़क पर पलट गया। हादसे में एक युवक की मौत हो गई जबकि छह अन्य घायल हो गए। घायलों को उपचार के लिए ट्रॉमा सेंटर लाया गया। जहां से एक युवक को पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया।
सहारनपुर के गांव चुहड़पुर निवासी सुक्कड़ ने बताया कि उनकी यमुनानगर की जोगिंद्र नगर कॉलोनी में रिश्तेदारी है। गुरुवार को जागिंद्र नगर में धार्मिक कार्यक्रम था। इसके लिए उसके परिवार के अलावा उनके गांव के लोगों को भी इसमें शामिल होने का निमंत्रण दिया गया था। जबकि कुछ रिश्तेदार उत्तराखंड के हरिद्वार के गांव बहादराबाद से भी भंडारे में शामिल होने के लिए आए थे। बहादराबाद के रिश्तेदार अल सुबह उनके गांव चुहड़पुर में पहुंच गए, ताकि यहां से सभी एक साथ निकल सके। यहां से करीब 35-40 लोग दो टाटा एस और एक इंडिगो कार में सवार हो गए। अलसुबह करीब छह बजे तीनों गाड़ियां जब जगाधरी पौंटा साहिब नेशनल हाईवे 73ए पर शेरपुर मोड के नजदीक पहुंची तो एक महिला ने उल्टी आने की बात कही। इसलिए उन्होंने तीनों गाड़ियां हाइवे किनारे रोक ली। इंडिगो गाड़ी दोनों टाटा एस के बीच में खड़ी थी। महिला जब गाड़ी से उतर कर उल्टी करने लगी तो बाकी के लोग भी गाड़ियों से नीचे उतर गए। तभी खिजराबाद की तरफ से खनन सामग्री से भरा एक डंपर आया। अनियंत्रित ट्रक ने सबसे पीछे खड़े टाटा एस को टक्कर मार दी। इससे टाटा एस इंडिगो और आगे खड़ी दूसरी टाटा एस से टकरा गया। टक्कर लगने से सबसे पीछे खड़ी टाटा एस पलट गई। इसके साथ खड़े चुहड़पुर निवासी सुमित (23) और बहादराबाद गांव निवासी राहुल (22) इसके नीचे दब गए। सभी लोगों ने मिलकर दोनों को टाटा एस के नीचे से निकाला। इसके अलावा हादसे में टाटा एस में सवार गांव चुहड़पुर निवासी सुक्कड़, कुलबीर, प्रदीप व एक अन्य भी घायल हो गए। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। जहां पर चिकित्सकों ने सुमित को मृत घोषित किया। जबकि राहुल को पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया। हादसे में बाकी घायलों को उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। पुलिस ने आरोपी डंपर चालक के खिलाफ केस दर्जकर कार्रवाई शुरू कर दी है।
-साइड स्टोरी-
अतिक्रमण और होर्डिंग हटे तो थम जाएंगे शेरपुर मोड़ पर जानलेवा हादसे
अमर उजाला ने की खूनी मोड़ के नाम से बदनाम शेरपुर मोड़ पर हादसों की पड़ताल
यमुनानगर/छछरौली। दुर्घटनाओं के लिहाज से शेरपुर मोड़ खूनी मोड़ के नाम से बदनाम हो चुका है। यहां आए दिन हादसे होते रहते हैं। पिछले दो सालों से शेरपुर मोड़ के आसपास हुए सड़क हादसों में 15 से अधिक व्यक्तियों की मौत हो चुकी है। अमर उजाला ने मोड़ के आसपास पड़ताल की तो हादसों की मुख्य वजह सामने आई।
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अतिक्रमण है हादसों का मेन कारण
शेरपुर मोड़ पर लगे होर्डिंग, सूचना पट्ट का पोल और उसके साथ मोड़ में आगे तक बढ़ाई दुकानें रोजाना हो रहे हादसों का मुख्य कारण हैं। शेरपुर मोड़ पर एक साइड तो दुकानदारों ने अतिक्रमण किया हुआ है। यह अतिक्रमण सड़क की तरफ 25 से 30 फीट तक है। इसके कारण लेदी की तरफ से आने वाले वाहन नेशनल हाइवे पर चढ़ते हैं तो वाहन चालक को हाइवे पर आने वाले वाहन काफी देर में दिखाई पड़ते हैं। हाइवे पर चलने वाले वाहनों की स्पीड अधिक होने के कारण लेदी की ओर से आने वाले वाहन से अक्सर भिड़ंत हो रजाती है। इस कारण कई बार यहां जानलेवा हादसे हो चुके हैं। शेरपुर मोड़ पर हाइवे के दोनों ओर सड़क किनारे कही भी जगह खाली नहीं है। यदि किसी कारणवश हाइवे से गुजरने वाले वाहन को आपात स्थिति में रोकना पड़े तो वाहन को सड़क पर ही रोकना पड़ेगा। ऐसी स्थिति में सड़क पर खड़ा वाहन पीछे से आ रहे वाहन की चपेट में आ जाएगा।
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-मोड़ पर होर्डिंग होने से सीधे हाइवे पर आ जातेे हैं वाहन-
लेदी मोड़ से हाइवे पर चढ़ते समय हाइवे के दूसरी ओर होर्डिंग लगा है। होर्डिंग के खंभे बिल्कुल सड़क पर हैं। इसके कारण लेदी मोड़ से हाइवे पर चढ़ते समय वाहन सीधे सड़क पर आ जाते हैं। इस दौरान पीछे सेस्त्रत्त् स्पीड से आने वाले वाहन की अगले वाहन से टक्कर हो जाती है। मोड़ पर लगा यह होर्डिंग रोड सेफ्टी के मानकों के बिल्कुल विपरीत है। जानकारों के अनुसार मोड़ से हाइवे की ओर मुड़ते समय स्लीप वे होना चाहिए। हाइवे से करीब तीन फुट तक नीचे बरम होना चाहिए, जिसका लेवल सड़क से मामूली कम होना चाहिए। मोड़ पर लगे होर्डिंग के साथ ही टायर पंचर की दुकान है। दुकान के टायर व अन्य सामान होर्डिंग के खंभे से सटाकर रखे रहते हैं। इस कारण मोड़ से सीधे हाइवे पर चढ़ना वाहन चालकों की मजबूरी बन जाता है। इस मोड़ पर खंभे के आसपास आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती है।
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लोग बोले-खूनी मोड़ के नाम से बदनाम है शेरपुर मोड़
स्थानीय निवासी अकरम, कर्मबीर, राजीव, हाशिम, काला ने बताया कि शेरपुर मोड़ खूनी मोड़ के नाम से बदनाम है। यहां पर सड़क किनारे खड़ा व्यक्ति भी महफूज नहीं है। यहां आए दिन हादसे हो रहे हैं। रामपाल ने बताया कि कुछ साल पहले उसकी आंखों के सामने काटरवाली के एक युवक की मोड़ के नजदीक सड़क हादसे में मौत हो चुकी है। युवक बाइक पर लेदी मोड़ं से हाइवे पर चढ़ा तो पीछे से आ रहे तेज रफ्तार वाहन ने बाइक को टक्कर मार दी थी।
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शेरपुर मोड होगा अतिक्रमण मुक्त
यह सही है कि शेरपुर मोड़ पर आए दिन हादसे होते हैं। मोड़ पर हाइवे के किनारे दुकानदारों द्वारा किए गए अतिक्रमण को जल्द ही हटवाया जाएगा। मोड़ से सटा होर्डिंग हादसों का कारण बन रहा है तो इसे भी यहां से हटवाया जाएगा।
जसविंद्र सिंह, डायरेक्टर, नेशनल हाइवे अथारिटी
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