पार्षद से छेड़छाड़ के आरोप सिद्ध हुए तो दे दूंगा पद से इस्तीफा : रामपाल
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। नगर निगम की महिला पार्षद से छेड़छाड़ के आरोपी डिप्टी मेयर को हाईकोर्ट से जमानत याचिका मिल गई। इसके बाद डिप्टी मेयर बुधवार को रामपाल मीडिया से रूबरू हुए। उन्हें कहा कि यदि उन पर लगाए गए आरोप सिद्ध होते हैं तो वह अपने पद से इस्तीफा दे देंगे। साथ ही कहा कि, तब तक नगर निगम कार्यालय नहीं जाएंगे, जब तक खुद को बेकसूर साबित न कर दें।
रामपाल ने कहा कि जिस पद के लिए उन्हें पार्षद से छेड़छाड़ के आरोप में फंसाया गया है। कुछ लोग उन्हें बदनाम कर रहे हैं। वह जल्द उन चेहरों को भी बेनकाब करेंगे जो उनसे रुपये और उनका पद हथियाने की कोशिश कर रहे हैं। वह तब तक अपने नगर निगम कार्यालय और घर भी नहीं जाएंगे जब तक वह उन गुनहगारों को पब्लिक के सामने नहीं लाते। उन्होंने कहा कि उन्हें इस मामले में फंसाने के बाद उनसे रुपये की मांग भी की गई थी, लेकिन उन्हें न्याय पालिका पर पूरा विश्वास है और वह पुलिस की मदद के साथ साथ उन्हें बेनकाब करने में कामयाब भी होंगे।
छेड़छाड़ के आरोप में केस दर्ज
14 जुलाई को नगर निगम के डिप्टी मेयर रामपाल के खिलाफ महिला थाना पुलिस ने महिला पार्षद से छेड़छाड़ के आरोप में केस दर्ज किया था। इसमें पार्षद ने डिप्टी मेयर रामपाल पर उनके मोबाइल पर अश्लील फोटो, जोक्स व वीडियो भेजने के आरोप लगाए थे। शिकायत में नगर निगम के वार्ड नंबर-12 की महिला पार्षद ने बताया कि उनका नगर निगम यमुनानगर कार्यालय में आना जाना लगा रहता है। जब भी निगम के डिप्टी मेयर रामपाल उन से मिलते हैं तो वह उस पर भद्दे कमेंट करते थे। कुछ दिन तो वह उनकी हरकतों को बर्दाश्त करती रही, मगर कुछ दिन पहले डिप्टी मेयर रामपाल उनके मोबाइल पर अश्लील फोटो, जोक्स व वीडियो भेजने लगे। तब इस बारे में डिप्टी मेयर रामपाल से बात की तो वह उल्टा उन्हें ही बदनाम करने लगे। परेशान होकर उन्होंने इसकी सूचना एसपी व महिला पुलिस को दी। पुलिस ने मामले की जांच के बाद आरोपी डिप्टी मेयर रामपाल के खिलाफ 354 ए के तहत केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी।