कस्बे के गांव रसूलपुर में स्थित सर छोटूराम सीनियर सेकेंडरी स्कूल में दसवी कक्षा के छात्र पर छुट्टी के समय करीब आधा दर्जन लड़कों ने चाकुओं, सरियों और डंडों से हमला कर घायल कर दिया। आधी छुट्टी में सहपाठी द्वारा अपशब्द बोलने का विरोध करने पर सहपाठी ने बाहरी लड़कों के साथ मिलकर हमला किया।
घायल छात्र का उपचार जगाधरी के निजी अस्पताल में चल रहा है। घायल छात्र के परिजनों ने स्कूल प्रबंधन पर मामले को गंभीरता से न लेने का आरोप लगाया है। जुड्डा जट्टान निवासी गुरमीत सिंह ने बताया कि उनका बेटा मंजोत सिंह (19) रसूलपुर स्थित सर छोटूराम सीनियर सेकेंडरी स्कूल में दसवीं कक्षा में पड़ता था।
सोमवार को वह स्कूल गया था। आधी छुट्टी के दौरान दसवी कक्षा के ही एक छात्र ने उसे जाति से संबंधित अपशब्द बोलने शुरू किए। उसने आरोपी छात्र को ऐसा बोलने से मना किया। तब आरोपी छात्र ने उसे छुट्टी के बाद देख लेने की बात कहीं। इसके बाद आरोपी छात्र स्कूल की छुट्टी होने से पहले ही चला गया और अपने दोस्तों को बुला लाया।
स्कूल की छुट्टी के समय जैसे ही मंजोत सिंह कक्षा से बाहर निकला तो आरोपी छात्र ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर स्कूल परिसर में घुसकर चाकू, सरिये और डंडों से हमला कर दिया। हमले में मंजोत सिंह की पीठ पर चाकू से वार किए गए, वहीं टांगों और सिर पर सरिये से वार किए गए।
आरोपी युवक मंजोत सिंह को घायल कर मौके से फरार हो गए। घायल को जगाधरी के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां उसका उपचार चल रहा है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
स्कूल प्रबंधन पर जड़े आरोप
घायल मंजोत के पिता गुरमीत सिंह, गुरबख्श सिंह का आरोप है कि हमले के बाद स्कूल प्रबंधन ने न तो पुलिस को सूचित किया और न ही घायल को अस्पताल पहुंचाया। उनका बेटा मंजोत काफी देर तक खून से लथपथ कपड़ों में स्कूल में बैठा रहा। स्कूल प्रबंधन ने उन्हें फोन पर सूचना देकर अपने काम का पूरा समझा।
उन्होंने स्वयं स्कूल आकर बेटे को उपचार दिलाया और ओर मामले की सूचना बिलासपुर पुलिस को दी। परिजनों का कहना है कि विद्यालय में समय में स्कूल परिसर में घुस कर छात्र पर हमला होना स्कूल प्रबंधक समिति की ढील का नतीजा है।
बयान देने के हालात में नहीं घायल छात्र : एसएचओ :
बिलासपुर थाना प्रभारी नवीन कुमार का कहना है कि उनके कर्मचारी अस्पताल में घायल के बयान लेने के लिए गए थे, लेकिन वह बयान देने के हालात में नही है। उनका कहना है कि घायल लड़के के बयान के आधार पर ही आगामी कार्रवाई की जाएगी।
हमने बच्चे को प्राथमिक उपचार दिया :
स्कूल की प्रधानाचार्या बेला घई का कहना है कि जिस बच्चे को चोट लगी वह इतना गंभीर नहीं था कि उसे तुरंत अस्पताल ले जाना पड़े। उन्होंने बच्चे प्राथमिक उपचार देकर स्कूल में खाना खिलाया, वह बिल्कुल ठीक था। बच्चे को उसके परिजनों के हवाले हंसते हुए किया।
इस मामले में कुछ लोग बिना वजह तुल दे रहे है। बाहरी लड़कों जिन्होंने छात्र पर हमला किया वे उनके खिलाफ कार्रवाई जरूर करेंगी।
हमीदा में दो पक्षों में चले चाकू, तीन घायल
यमुनानगर। पुराना हमीदा में दो पक्षों में जमकर चाकू चले। इसमें तीन लोग घायल हो गए। घायलों का उपचार अस्पताल में चल रहा है। पुलिस ने दोनों पक्षों के बयान लेकर कार्रवाई शुरू कर दी है। पुराना हमीदा की खड्ढा कॉलोनी निवासी मोबिन ने पुलिस को शिकायत दी।
इसमें बताया कि वह अपने भाई मुस्तकीम ट्रैक्टर ट्रॉली लेकर फैक्ट्री में गए। वहां पर मालिक ने कहा कि ट्रॉली को बाहर खड़े कर दें। वहां पर एक युवक आ गया। आरोप है कि उस युवक ने उस पर हमला कर दिया। उसके साथ तीन युवक और आ गए। उनके पास हथियार थे।
उन्होंन उनके साथ जमकर मारपीट की। इसमेें दोनों भाई घायल हो गए। आरोप है कि आरोपी उन्हें जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गए। उन्हें परिजनों ने अस्पताल में भर्ती कराया। उधर, दूसरे पक्ष से देवा ने बताया कि वह खाना खाकर रात के समय सड़क से जा रहा था।
रास्ते में उसे रोककर मारपीट की। आरोप है कि मारपीट करने वालों ने उसका मोबाइल और दो हजार रुपये छीन लिए। पुलिस मामले की जांच कर रही है।