जिले के चार डीएसपी तथा एक डिटेक्टिव इंस्पेक्टर ने भारी पुलिस बल के साथ जिला जेल में औचक निरीक्षण कर चार घंटे तक हर चीज को खंगाला। इस दौरान एक कैदी के कब्जे से सिम बरामद हुआ। जिसके खिलाफ शहर पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
बड़ा सवाल यह है कि जेल की सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद होने के बावजूद कैदी के पास सिम कैसे पहुंचा। फिलहाल इसका पता नहीं चल पाया है। पुुलिस अधिकारी मामले में जांच की बात कह रहे हैं।
डीएसपी जगाधरी राजेंद्र कुमार ने बताया कि शनिवार को डीएसपी उषा, डीएसपी अजय राणा, डीएसपी जोगिंद्र शर्मा तथा डिटेक्टिव इंस्पेक्टर संदीप कुमार के अलावा करीब 60 पुलिस कर्मचारियों ने जिला जेल में दबिश दी। पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों ने सुबह 11 बजे अपनी जांच शुरू की, जो दोपहर तीन बजे तक जारी रही। जेल के अंदर प्रत्येक चीज की गहनता से जांच की।
महिला कैदियों की बैरक में जांच के लिए बाकायदा लेडी पुलिस को तैनात किया गया। सूत्रों के मुताबिक पुलिस अधिकारियों ने जेल का रिकार्ड भी जांचा। इसके अलावा कैदियों से हर पहलू पर पूछताछ की। एक कैदी के कब्जे से मोबाइल सिम बरामद हुआ जिसका नाम सुरेंद्र कुमार है, जो करनाल जिले के प्योंट गांव, थाना निसिंग का रहने वाला है। पुलिस के मुताबिक सुरेंद्र कुमार हत्या के प्रयास के मामले में जिला जेल में बंद है।
आखिरकार कैसे पहुंचा कैदी के पास सिम
सूत्रों के मुताबिक कैदियों के पास जो भी सामान जाता है, जेल प्रशासन व कर्मचारियों द्वारा उसकी गहनता से जांच की जाती है। कैदी के कब्जे से मोबाइल सिम मिलने से जेल सुरक्षा व्यवस्था की पोल खुल कर समाने आ गई है। यह पहला मामला नहीं है, जब किसी कैदी के पास से मोबाइल सिम बरामद हुआ है। इससे पहले भी कई कैदियों के पास से मोबाइल व सिम बरामद हो चुके हैं। पुलिस का कहना है कि कैदी के पास सिम कैसे पहुंचा, फिलहाल इसकी जांच की जा रही है।