गांव रतनगढ़ (नंदपुरा) में पंचायत द्वारा अवैध कब्जे छुड़वाने से गुस्साए अवैध कब्जाधारियों ने गांव के सरपंच रणधीर सिंह कांबोज के घर पर शुक्रवार रात को ईंटें, पत्थर फेंककर कार्रवाई का विरोध किया। भारी संख्या में महिलाओं और पुरुषों ने सरपंच के घर के सामने गोबर व अन्य गंदगी डालकर खूब हुड़दंग मचाया।
सरपंच ने मामले की सूचना सदर थाना पुलिस को दी। गांव में तनाव की स्थिति को देखते हुए डीएसपी जोगिंद्र शर्मा भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को शांत किया। सरपंच ने उसके घर पर हमला करने वाले लोगों के खिलाफ शिकायत सदर थाना पुलिस को दी। पुलिस ने शनिवार को मामले की जांच करने की बात कहकर मामला शांत करवाया। पुलिस ने दो कर्मचारियों को शुक्रवार की रात को गांव में मौके पर तैनात कर दिया।
सरपंच रणधीर सिंह ने बताया कि सरकार की योजना के तहत 31 परिवारों को सौ सौ गज के प्लॉट दिए जाने थे। गांव के कुछ लोगों ने इन प्लॉटों की भूमि पर अवैध कब्जा किया हुआ था। कोर्ट में मामला जाने के बाद कोर्ट ने अवैध कब्जाधारियों को जगह खाली करने के आदेश जारी किए।
लगभग 15 दिन पहले बीडीपीओ जगाधरी विकास कुमार पुलिस बल के साथ गांव में अवैध कब्जा छुड़वाने आए थे। प्रशासन के अधिकारियों ने कूप व गुहारों को जेसीबी मशीन से नष्ट कर दिया था। प्रशासन के अधिकारियों ने अवैध कब्जाधारियों को दो दिन का समय दिया था लेकिन अवैध कब्जाधारियों ने मौके से मलबा नहीं उठाया।
उसके बाद बीडीपीओ जगाधरी विकास कुमार ने थाना सदर प्रभारी राजेंद्र सिंह के साथ शुक्रवार को गांव में अवैध कब्जाधारियों के खिलाफ फिर से कार्रवाई की। जेसीबी मशीन से प्रशासन ने मौके पर पड़े मलबे को उठाकर दूर फेंक दिया। इससे अवैध कब्जाधारी भड़क उठे।
पुलिस के जाते ही अवैध कब्जाधारियों ने सरपंच के घर पर ईंटों, पत्थरों से हमला बोल दिया। वहीं गोबर व अन्य गंदगी सरपंच के घर के आगे गिराकर अपना विरोध जताया। सरपंच ने पुलिस पर आरोप लगाया कि पुलिस हमलावरों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय उन्हीं पर समझौता करने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। इस बारे में थाना सदर प्रभारी राजेंद्र सिंह ने बताया कि पुलिस अभी मामले की जांच कर रही है।