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गहरी हैं वाहनों के पंजीकरण के फर्जीवाड़े की जड़ें, अब बिलासपुर में भी एफआईआर दर्ज

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यमुनानगर/बिलासपुर। जगाधरी के बाद अब बिलासपुर के एसडीएम कार्यालय में रजिस्टर्ड कुछ वाहनों की आरसी भी संदेह के दायरे में आ गई है। बिलासपुर के एसडीएम कार्यालय के एमआरसी संजीव की शिकायत पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि अमित ने कुछ फाइलें बिलासपुर में भेजी थी। इन फाइलों की जांच की जाए। उन्हें शक है कि इनमें गड़बड़ी मिल सकती है। वहीं, जगाधरी की तरह इस मामले में भी फर्जीवाड़े का सारा ठीकरा अमित के सिर पर फोड़ा गया है। हालांकि अभी तक यह भी स्पष्ट नहीं है कि दोनों अथॉरिटी में फर्जीवाड़ा किस स्तर पर हुआ है। पहले जहां जगाधरी में अधिकारी अपना पल्ला झाड़ रहे थे, वहीं अब बिलासपुर में भी अधिकारियों से लेकर कर्मचारियों तक ने इस मामले से किनारा कर लिया है।
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29 गाड़ियों के नंबर दिए थे शिकायत में
-एसडीएम ने 23 जनवरी को एसपी को शिकायत देकर जांच करने को कहा था।
कार्यालय की ओर से 29 वाहनों के नंबर एसपी को दी शिकायत में दर्ज करवाने
के लिए दिए थे। शिकायत में संजीव कुमार ने कहा कि उपमंडल बिलासुपर कार्यालय में मोटर रजिस्ट्रेशन लिपिक के पद पर कार्यरत है। उसके पास मोटर वाहन पंजीकरण का
अतिरिक्त कार्यभार है। जिस प्रकार से जगाधरी के उपमंडल कार्यालय के
रजिस्ट्रेशन शाखा में वाहन नीलामी की कुछ फाइलों में पंजीकरण के समय कुछ
अनियमितताएं पाई गई थी। इस प्रकार की कुछ फाइलें उपमंडल जगाधरी में
कार्यरत अमित कुमार कंप्यूटर आपरेटर द्वारा मुझ पर राजनीतिक दबाव
बनाकर कुछ फाइलें रजिस्ट्रेशन के द्वारा इस कार्यालय में प्राप्त हुई थी।
जिसकी ऑनलाइन फीस अमित कुमार के द्वारा जमा करवाई गई
है। इसके अतिरिक्त अप्रूवल व अन्य कार्य इसी कार्यालय में रुटीन में हुआ
है। इन फाइलों की नियमानुसार जांच की जाए और अनियमितताएं पाए जाने पर अमित
कुमार के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
जे सीरीज के नंबर की जांच होगी
एसडीएम आफिस की तरफ से पुलिस को जो सूची सौंपी गई है। उसमें जे सीरीज के नंबर शामिल हैं। जो कि कुछ समय पहले ही यह सीरीज शुरू हुई थी। इनमें एचआर 71 जे 4089, 6879, 6281, 9758, 1962, 6862, 3545, 1248, 8484, 1732, 8189, 9537, 7909, 9315, 1930, 5409, 2375 , 6596, 5810, 8997, 4196, 9840, 9473, 3563, 5868, 9090, 7662, 2524, 7563 आदि नंबर शामिल हैं।
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शक की बिनाह पर वाहनों के रिकार्ड की जांच करने संबंधी शिकायत दी गई थी। एमआरसी संजीव ने ही गाड़ियों की डिटेल दी है। उसका कहना है कि इन गाड़ियों की फाइलें अमित ने दी थी। जबकि ऑनलाइन फीस अमित ने जमा करवाई थी। जांच के बाद ही तस्वीर साफ हो पाएगी कि बिलासपुर अथॉरिटी में नीलामी के वाहनों की आरसी बनाने में किस स्तर पर गड़बड़ी की गई है।
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-विरेंद्र ढुल, एसडीएम बिलासपुर
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