कलसिया आईटीआई में विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ का एक बार फिर मामला सामने आया है। इस बार भी कलसिया आईटीआई की आईडी हैक कर किसी ने तीन दर्जन विद्यार्थियों के एडमिशन कैंसिल कर दिए। मैसेज आने पर विद्यार्थियों को उनके एडमिशन कैंसिल होने का पता चला तो वे संस्थान पहुंचे और इसकी सूचना दी। संस्थान की ओर से कहा गया है कि किसी भी विद्यार्थी का दाखिला उनकी ओर से न तो कैंसिल किया गया है और न ही हॉयर अर्थारिटी को इसके लिए निवेदन किया गया है। संस्थान ने जांच के लिए अपनी आईडी लॉगइन की तो पता चला कि उनकी आईडी हैक हो गई है। जब दोबारा आईडी लॉगइन की, तो उसका पासवर्ड भी बदल दिया गया। इसके बाद संस्थान प्रबंधन की ओर से शिकायत पुलिस को दी। पुलिस ने जांच के बाद एक आरोपी को नामजद करते हुए केस दर्ज कर लिया है। इससे पूर्व भी सात साल पहले आईटीआई की आईडी हैक कर ली गई थी।
थाना जगाधरी के गांव पंजेटो स्थित कलसिया आईडीआई में विभिन्न ट्रेड में विद्यार्थियों ने ऑनलाइन एडमिशन लिया था। इसके बाद विद्यार्थी नियमित रूप से आईटीआई में क्लास लगा रहे थे। 22 नवंबर को धीरे धीरे विद्यार्थियों को उनके मोबाइल पर संदेश मिलने लगे कि कलसिया आईटीआई से उनका दाखिला रद्द कर दिया गया है। जिसके बाद विद्यार्थी कॉलेज पहुंचे और प्रबंधन से बात की। आईटीआई चेयरमैन राजविंद्र सिंह ने पीड़ित विद्यार्थियों से कहा कि संस्थान की ओर से किसी का दाखिला रद्द नहीं किया गया है। देखते ही देखते एक के बाद 36 विद्यार्थियों ने एडमिशन कैंसिल होने की शिकायद आईटीआई में दर्ज करवाई। पुलिस ने करेड़ा खुर्द निवासी रामजी लाल के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
अज्ञात व्यक्ति के नाम से पहुंचे मोबाइल संदेश
एडमिशन कैंसिल होने के संदेश एक व्यक्ति के नाम से भेजें गए हैं। संदेश गांव करेड़ा खुर्द निवासी रामजी लाल के नाम से मिले हैं। विद्यार्थियों का कहना है कि जिस व्यक्ति के नाम से संदेश भेेजे गए हैं। वह उसे जानते नहीं है। वहीं संस्थान से भी आरोपी का कोई लेना - देना नहीं है। ऐसे में कोई बेवजह क्यों किसी के साथ ऐसा करेगा। इसका पता नहीं लग पा रहा है।
आईडी हैक कर बदला पासवर्ड
आईटीआई चेयरमैन राजविंद्र सिंह ने बताया कि विद्यार्थियों की शिकातय के बाद जब उन्होंने अपने संस्थान की आईडी पर इसकी जांच की तो पता चला कि उनकी आईडी हैक हो गई है। जब उन्होंने दोबारा आईडी लॉगइन करनी चाहिए तो पासवर्ड मांग। लेकिन पुराना पासवर्ड बदल दिया गया। राजविंद्र सिंह ने कहा कि आईडी हैक करके ही विद्यार्थियों के दाखिले कैंसिल किए गए हैं।
विभाग की साइड से हटा दिए विद्यार्थियों के नाम
हैकर ने केवल आईटीआई की आईडी ही हैक नहीं की। दोबारा आईडी लॉग इन न हो इसलिए उसका पासवर्ड भी बदल दिया। हैकर ने विद्यार्थियों के एडमिशन कैंसिल कर दिए। यही नहीं, उसने विद्यार्थियों के नाम विभाग की साइट से भी हटा दिए। ताकि जल्दी ही विद्यार्थियों को एडमिट कार्ड का पता न लगाया जा सके। लेकिन एडमिशन की तारीख बढ़ जाने के कारण विद्यार्थियों को दाखिला मिल गया।
सात साल पहले भी किया गया था यह
ऐसा नहीं है कि यह पहली बार हुआ हो। इससे पूर्व भी आईटीआई की आईडी हैक कर ली गई थी। जिसका अभी तक कोई सुराग नहीं लग पाया है। सात पहले इसी तरह आईडी हैक करके विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ किया गया था। जिसके कई दिन बाद इसे सॉल्व किया गया।
मामला हैकिंग का है। पुलिस ने प्राथमिक जांच के बाद रामजी लाल के खिलाफ केस दर्ज किया है। अभी पूरे मामले की गहनता से जांच की जा रही है। इसमें सायबर एक्सपर्ट की भी मदद ली जा रही है।
बलदेव सिंह, प्रभारी, थाना सदर जगाधरी।