उत्तर प्रदेश के जिला सहारनपुर के थाना बेहट के अंतर्गत आने वाले गांव सादौली निवासी सविता देवी ने थाना छप्पर पुलिस को दी शिकायत में कहा कि वह और उसका पति मुनेश कुमार गांव जुडडा शेखान में किसान त्रिलोचन सिंह के पास दो साल पहले नौकरी करते थे। बाद में उन्होंने उसकी नौकरी छोड़ दी थी। कुछ दिन पहले त्रिलोचन सिंह ने उसके पति के पास फोन कर उसे दोबारा नौकरी देने की बात कही। साथ ही यह भी कहा था कि यदि वह उसके पास नौकरी करेगा तो उसे 50 हजार रुपये एडवांस में भी दे देगा। पति मुनेश उसे व बच्चों को लेकर आठ जून को त्रिलोचन सिंह के घर पहुंच गया था। लेकिन गांव में पहुंचने पर त्रिलोचन सिंह ने पति से कहा कि वह एडवांस रुपये उसे तभी देगा यदि वह अपने गांव से किसी जिम्मेदार व्यक्ति को लेकर आएगा। जिस पर वह पति को त्रिलोचन के घर पर छोड़ कर अपने गांव में चली गई ताकि वहां से किसी जिम्मेदार व्यक्ति को साथ लेकर आ सके। सविता ने बताया कि नौ जून की शाम उसने पति के पास कई बार फोन किया लेकिन उसका मोबाइल हर बार बंद आया। कुछ समय बाद त्रिलोचन सिंह के दूसरे नौकर मनीष ने उसे फोन कर बताया कि त्रिलोचन सिंह और उसके अन्य साथी उसके पति मुनेश को पीट रहे हैं। यह सुनने के बाद उसने त्रिलोचन सिंह को फोन किया लेकिन उसने बात नहीं की। अगले दिन 10 जून को वह अपनी सास को लेकर जुड्डा शेखान पहुंची। गांव में उसका पति कहीं पर नहीं मिला। उसे त्रिलोचन सिंह ने बताया कि उसका पति छप्पर थाने में है। वह वहां पर गई तो पता चला कि मुनेश सिविल अस्पताल जगाधरी में है। वह अस्पताल में पहुंची तो देखा कि उसका पति मृत पड़ा था। सविता ने त्रिलोचन सिंह पर पति की हत्या का आरोप लगाया।
मामले की जांच कर रहे सब इंस्पेक्टर दल सिंह ने बताया कि त्रिलोचन सिंह के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर लिया है। मामले की जांच की जा रही है। शव का पोस्टमार्टम करवा परिजनों को सौंप दिया है।