मलिकपुर बांगर गांव में मुस्लिम समुदाय के लड़के द्वारा हिंदू समुदाय की लड़की को घर से भगाकर निकाह करने के मामले में नया मोड़ आ गया है। निकाह नामे में जिन लोगों ने हस्ताक्षर बताए जा रहे हैं। उन्होंने किसी भी तरह के हस्ताक्षर करने से साफ मना किया है। उनका कहना है कि उनके झूठे हस्ताक्षर किए गए है। इसे लेकर पूरे गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई है। लड़के के परिजन घटना के बाद से ही गांव से लापता हैं।
सोमवार को गांव में हुई दोनों समुदाय के मौजिज लोगों की पंचायत में लड़की को वापस लाने पर विचार विमर्श किया गया। निकाह नामे पर जिन दो युवकों के हस्ताक्षर होने बताए गए हैं, उन्होंने इन्हें नकली बताया। पंचायत में निर्णय लिया गया कि दोनों पक्षों के दो-दो व्यक्ति अधिकारियों से मिलकर लड़का व लड़की को सेफ हाउस में मिलने की परमिशन लेंगे। लड़का व लड़की दोनों को समझा बुझा कर वापस घर लाने का प्रयास किया जाएगा। ताकि गांव में सौहार्द व भाईचारा कायम रहे।
बता दें कि मुस्लिम समुदाय के लड़के ने हिंदू समुदाय की लड़की को घर से भगा कर निकाह कर लिया। उसके बाद पुलिस में पेश होकर सुरक्षा की गुहार लगाई। दोनों को पुलिस ने सेफ हाउस में भेज दिया। इसके बाद गांव में तनाव का माहौल उत्पन्न हो गया। गांव में पुलिस बल तैनात किया गया। इस संबंध में रविवार को विहिप व बजरंग दल के पदाधिकारियों की गांव में मीटिंग में हुई। जिसमें दोनों पक्षों के मौजिज लोगों की सलाह से लड़का लड़की को मनाने बारे प्रस्ताव पारित हुआ।