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किस्तें रुकी होने की बात कहकर ट्रक छीनने के दो आरोपी गिरफ्तार

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फाइनेंस की किस्तें रुकी होने की बात कहकर ट्रक छीनने के मामले में पुलिस ने आरोपी प्रवीन कुमार और वीरेंद्र कुमार को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों को कोर्ट में पेश किया। जहां से उन्हें चार दिन के रिमांड पर लिया गया है। रिमांड में आरोपियों से वारदात में इस्तेमाल की गई कार बरामद की जाएगी।
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डिटेक्टिव स्टाफ के इंचार्ज जयपाल आर्य ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि टीम ने ट्रक छीनने के मामले में कार्रवाई करते हुए गुरु तेग बहादुर नगर निवासी वीरेंद्र व प्रवीण को गिरफ्तार किया है आरोपी कोर्ट में पेश कर चार दिन के रिमांड पर लिया गया है। इस मामले में एक व्यक्ति को हाई कोर्ट से जमानत मिली हुई है।
ये है मामला
बता दें पंजाब के जिला संगरुर के गांव अंटावा के रणधीर सिंह ने पुलिस को शिकायत दी थी कि वह पुराने ट्रकों की खरीद-फरोख्त का काम करता है। उसके ही गांव के धनीराम और आजाद भी ये ही काम करते हैं। सितंबर 2018 में इन दोनों ने फोन पर उसकी बात गांव नगली-32 निवासी वाहिद से करवाई। वाहिद ने रणधीर को बताया कि उसके पास एक ट्रक है और वह उसे बेचना चाहता है। इस पर वह 25 सितंबर 2018 को बिलासपुर पहुंच गया। जहां एक ढाबा पर वाहिद, अमित, नफे सिंह और जुल्फान मिले। इन लोगों ने ढाबे के पास खड़े ट्रक नंबर एचआर-46 सी-2837 को दिखाया। इसका मालिक जुल्फान का बताया। इन लोगों ने रणधीर को बताया कि इस ट्रक पर कोई कोर्ट केस न होने के अलावा फाइनेंस की कोई रकम बकाया नहीं है। इनकी बातों पर भरोसा करके रणधीर ने इस ट्रक का सौदा दो लाख 80 हजार में तय कर लिया। जुल्फान को पूरी रकम दे दी और वाहिद को पांच हजार रुपए उसका कमीशन भी दे दिया। वे जैसे ही ट्रक को लेकर पंजाब के लिए चले तो साढौरा के पास एक पेट्रोल पंप के सामने उन्हें दो कार सवार नौ लोगों ने रोक लिया। इन लोगों ने कहा कि यह ट्रक हमारे पास से फाइनेंस कराया गया है और उसकी कुछ किस्तें बची हुई हैं। उसने जैसे ही मौके से वाहिद को फोन कर इस बारे में बताया तो उसने वहीं पर ट्रक छोड़कर वापस आने की बात कही। तब वाहिद ने कहा था कि या तो उन्हें ट्रक मिल जाएगा या फिर पूरे पैसे। आरोप है कि वाहिद ने न तो उसे ट्रक दिया और न ही पैसे लौटाए। इस पर उन्होंने शिकायत पुलिस को दी। 26 सितंबर को इसकी शिकायत पुलिस को दी थी। तब दोनों पक्षों का आपसी समझौता हो गया था। उसने कहा गया था कि 20 दिसंबर तक रणधीर को ट्रक या रकम दे दी जाएगी। न तो रणधीर को ट्रक दिया और न ही पैसे दिए। जब उनसे पैसे मांगे तो उन्होंने जान से मारने की धमकी दी। साढौरा पुलिस ने आठ फरवरी को इस मामले में केस दर्ज किया था।
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