यमुनानगर। 1200 पेटी देसी शराब प्रकरण में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ शिकंजा कस दिया है। इस केस में जहां अब तक पांच गिरफ्तारियां हो चुकी, वहीं कयास लगाए जा रहे इस खेल में कई और आरोपियों की गिरफ्तारी भी तय है। चूंकि पुलिस हर पहलू को जोड़ते हुए जांच कर रही है, यहां तक एसपी गंगाराम पूनिया खुद इस मामले में नजर गड़ाए हुए हैं। उधर एनवी डिस्टलरी बदौली अंबाला के मार्केटिंग एवं सेल्स मैनेजर मनोज महाजन को भी गिरफ्तार किया गया था। उसने गिरफ्तारी के दिन ही जमानत याचिका लगाई थी, लेकिन जांच एजेंसी के तर्क के आगे उसकी अग्रिम जमानत रद्द हो गई। अब बृजपाल राणा व रिंकू सरपंच तीन दिन के पुलिस रिमांड पर हैं। इनसे भी अहम खुलासे होने की संभावना है। बताया जा रहा है आरोपी बृजपाल कॉपी के कारोबार से भी जुड़े है। तीन साल से वे शराब के कारोबार में आए।
ट्रक न पकड़ा जाता तो चलता रहता इसी तरह कारोबार
उल्लेखनीय है 21 जून पुलिस को सूचना मिली थी कि शराब से भरा एक कैंटर नेशनल हाईवे 344 से होता हुआ उत्तर प्रदेश की तरफ जाएगा। इस सूचना पर उनकी टीम ने नेशनल हाईवे 344 पर पिरथी का माजरा गांव के पास नाकाबंदी कर वाहनों की जांच शुरू की। अंबाला की तरफ से एक कैंटर आता दिखाई। पुलिस ने कैंटर को रोककर जांच की तो उसके अंदर से भारी मात्रा में देसी शराब से भरी पेटियां लदी हुई मिली। मामले की सूचना आबकारी विभाग को दी गई। जिसके बाद आबकारी निरीक्षक जगाधरी मोहन सिंह राणा अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उनके समक्ष कैंटर चालक से शराब के दस्तावेज मांगे गए। आरोपी ने गाड़ी में 1200 पेटी देसी शराब होने का परमिट दिखाया। यह परमिट 20 जून को शाम पांच बजकर 32 मिनट पर एमएच एनवी इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड बढौली अंबाला से जारी किया हुआ दिखाया गया। इस परमिट की वैधता 21 जून को दोपहर दो बजे तक की थी। परमिट के अनुसार यह शराब एमएस स्कोच स्टेशन वाइन जगाधरी को पहुंचाई जानी थी। उनकी टीम ने पेटियों को उतार कर जांच की। जांच के दौरान पेटियों पर लगे बार कोड को ट्रैक एंड ट्रेस के माध्यम से स्कैन किया गया। जिन पेटियो को स्कैन किया गया वह शराब की पेटियां एमएस स्कोच स्टेशन वाइन जगाधरी में पहले से स्टॉक इन दिखाई गई। इसके अलावा गाड़ी के अंदर से एक दूसरे नंबर की भी प्लेट मिली है। माना जा रहा है कि आरोपी गाड़ी की नंबर प्लेट बदलकर भी तस्करी करते हैं। इस मामले में ट्रक चालक रामअवतार सिंह, गोदाम के मुंशी सुशील कुमार को दो बार रिमांड पर लिया गया था। शुक्रवार को उन्हें जेल भेज दिया गया। एनवी इंटरनेशनल के सेल्स मैनेजर मनोज महाजन को पहले जेल भेजा जा चुका है।