नाबालिग से दुराचार करने के दोषी गांव कोटडा काहना सिंह थाना छछरौली निवासी शमीम उर्फ सीमू को कोर्ट ने 10 साल कैद तथा 14 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने पर छह महीने अतिरिक्त सजा का प्रावधान है। यह फैसला फास्ट ट्रैक कोर्ट की न्यायाधीश रितु गर्ग की कोर्ट ने सुनाया। कोर्ट में करीब एक साल चली सुनवाई के दौरान दर्जन भर लोगों की गवाही हुई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद बुधवार को फास्ट ट्रैक कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया।
यह था मामला : 21 अप्रैल, 2014 को पुलिस को सूचना मिली थी कि छछरौली थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले एक गांव में 13 साल की एक बच्ची के साथ दुराचार हुआ है। सूचना मिलने के बाद एएसआई प्रवीण कौर ने टीम के साथ घटनास्थल का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। पुलिस को दी शिकायत में पीड़िता ने कहा कि शाम के समय उसकी मां तथा बाप खेतों से गेहूं की फसल काटकर घर आए थे।
उसका पिता पशुओं को चारा डालने लगा, जबकि उसकी मां बाथरूम मेें नहाने चली गई। शाम को करीब सात बजे जब वह घर के बाहर आई, तो गांव कोटडा काहना सिंह निवासी सीमू व दो लड़के वहां पर आए, जो उसे पकड़ कर ले गए। इस बीच उन्होंने उसके मुंह पर रुमाल रख दिया। जिस कारण वह बेहोश हो गई। शिकायतकर्ता के मुताबिक तीनों उसे उठाकर एक ट्यूबवेल पर ले गए, जहां पर दोनों लड़कों ने उसके हाथ पकड़ लिए जबकि शमीम उर्फ सीमू ने उसके साथ दुराचार किया।
रात को करीब 12 बजे वे उसे घर के बाहर छोड़कर फरार हो गए। जब उसने शोर मचाया, तो परिजन घर से बाहर आए। उन्हें घटना की जानकारी दी। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर भादंसं की धारा 328, 365,376 डी, 6 पॉक्सो एक्ट, 3 एससी/एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी।
पुलिस ने आरोपी सीमू को उसी दिन गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने काबू किए गए आरोपी को कोर्ट में पेश किया जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। इसके बाद मामले की सुनवाई कोर्ट में शुरू हो गई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फास्ट ट्रैक कोर्ट की न्यायाधीश रितु गर्ग ने शमीम उर्फ सीमू को नाबालिग से दुराचार करने का दोषी करार देते हुए फैसला सुना दिया।
कोर्ट ने दोषी शमीम को भादंसं की धारा 376 (2) (आई) में 10 साल कैद तथा 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने पर छह महीने की अतिरिक्त सजा का प्रावधान है। जबकि भादंसं की धारा 328 तथा 365 में तीन-तीन साल कैद तथा दो-दो हजार रुपये जुर्माना किया है। जुर्माना न देने पर एक महीने की अतिरिक्त सजा का प्रावधान है।