संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। शहर में सड़कों पर जमा धूल से बढ़ रहे प्रदूषण कम करने के लिए नगर निगम एंटी स्मॉग गन खरीदने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम शहर के विभिन्न बाजारों और प्रमुख स्थानों का सर्वे करेगी। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर यह तय किया जाएगा कि शहर में कितनी एंटी स्मॉग गन की जरूरत है।
शहर के विभिन्न बाजार में बड़ी संख्या में वाहनों की आवाजाही होती है। इसके कारण सड़कों के किनारे धूल की मोटी परत जमा हो गई है। वाहनों के गुजरने के दौरान यह धूल उड़कर आसपास की दुकानों और प्रतिष्ठानों में पहुंच जाती है। इससे दुकानदारों और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। प्रदूषण बढ़ने के साथ दुकानदारों के काम पर भी इसका असर पड़ रहा है।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी शहर के बाजारों और प्रमुख मार्गों पर धूल की स्थिति का जायजा लेंगे। इसके साथ ही यातायात और प्रदूषण की स्थिति को ध्यान में रखते हुए जरूरत का आकलन किया जाएगा। सर्वे पूरा होने के बाद रिपोर्ट नगर निगम को सौंपी जाएगी। इसी के आधार पर निगम एंटी स्मॉग गन की संख्या और उनके इस्तेमाल की योजना तैयार करेगा।
पार्षद जयंत स्वामी और विक्रम राणा का कहना है शहर की सड़कों पर जमा धूल के कारण दुकानदार काफी परेशान हैं। वाहनों के निकलते ही धूल दुकानों के अंदर तक पहुंच जाती है। इससे व्यापार प्रभावित होने के साथ लोगों के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका रहती है।
पार्षदों ने धूल नियंत्रण के लिए प्रभावी कदम उठाने की जरूरत बताई। नगर निगम की योजना के अनुसार एंटी स्मॉग गन के इस्तेमाल से सड़कों पर उड़ने वाली धूल को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। सर्वे के बाद इन्हें उन स्थानों पर लगाया जाएगा, जहां धूल की समस्या अधिक है।
ऐसे काम करती है एंटी स्मॉग गन
एंटी स्मॉग गन पानी की महीन बूंदों का छिड़काव करती है। ये बूंदें हवा में मौजूद धूल के कणों को नीचे बैठाने में मदद करती हैं। इससे सड़क और आसपास के क्षेत्र में धूल का उड़ना कम होता है और हवा में प्रदूषणकारी कणों की मात्रा नियंत्रित करने में मदद मिलती है।
सड़कों के किनारे उड़ने वाली धूल से दुकानदारों को हो रही परेशानी की जानकारी मिली है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों से कहा गया है कि वे शहर का सर्वे करके रिपोर्ट दें कि कितनी एंटी स्मॉग गन खरीदने की जरूरत है। - महाबीर प्रसाद, आयुक्त, नगर निगम।