एक ज्वैलर्स और एक महिला की और कोरोना से मौत हुई है। जिले में अब तक कुल 153 कोरोना से मौत हो चुकी है। जबकि सरकारी आंकड़ों के अनुसार 90 लोगों की मौत हुई है। वहीं 10 नए केस मिले हैं, जबकि 10 की रिपोर्ट नेगेटिव आई है। जिले में अब तक कुल 5647 संक्रमित मिल चुके हैं। जबकि 5347 संक्रमित ठीक होने के साथ कोरोना रिकवरी रेट भी 94.68 पहुंच गया है।
मॉडल टाउन निवासी 74 वर्षीय एक ज्वैलर्स की कोरोना से पंचकूला के अलकैमिस्ट अस्पताल में मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, वृद्ध की कुछ दिन पूर्व तबीयत खराब हुई थी। जिसके चलते परिजनों ने पंचकूला अस्पताल में भर्ती कराया था। वहीं पर कोरोना का टैस्ट कराया गया। जो पॉजिटिव आया। वहीं वृद्ध की तबीयत में कोई आराम नहीं आया। जिस कारण शुक्रवार की शाम को वृद्ध की मौत हो गई। वहीं स्वास्थ्य विभाग ज्वैलर्स के संपर्क में आए लोगों की हिस्ट्री भी खंगाल सकता है। वहीं मॉडल टाउन निवासी एक महिला की डेराबसी में एक अस्पताल में कोरोना से मौत हो गई है। जानकारी के अनुसार, महिला को कुछ दिन पूर्व बुखार आया था। जिसके चलते परिजनों ने डेराबसी के अस्पताल में भर्ती कराया दिया था। जहां पर महिला का कोरोना टेस्ट कराया गया, जो पॉजिटिव आया। महिला की हालत में सुधार नहीं हुआ और बीते शुक्रवार की रात को महिला ने दम तोड़ दिया।
सिविल सर्जन डॉ.विजय दहिया ने बताया कि जिले में 199 एक्टिव केस है। जिसमें से 117 संक्रमितों को होम आइसोलेट किया गया है। जबकि 19 एक्टिव केस दूसरे जिले व राज्यों के अस्पतालों में भर्ती है। उन्होंने बताया कि कोविड-19 टैस्टिंग टीम द्वारा 990 सैंपल लिए गए हैं। अभी तक कुल 1,28,847 सैंपल लिए गए हैं। जिनमें से 1,20,243 की रिपोर्ट नेगेटिव आई है। जबकि 2696 लोगों की रिपोर्ट आनी बाकी है।
डीसी मुकुल कुमार ने बताया कि जिले में 27 क्षेत्रों को कंटेनमेंट जोन मुक्त किया गया है। जिसमें जम्मू कालोनी, गांव कांसली, प्रतापनगर, आदर्श नगर कैंप, एसएसएम कालोनी, चांदनगर, शास्त्री कालोनी, सढौरा, जूडा शेखान बिलासपुर, प्रोफेसर कालोनी, तेजली, गुरूतेग बहादुर नगर, गुलाबगढ़ छछरौली, मलिकपुर खादर, सरस्वती नगर, गांधीनगर, श्रीनगर कालोनी, डीएवी डेंटल कॉलेज, दुर्गा गार्डन जगाधरी, मछरौली बिलासपुर, रसूलपुर, लाजपत नगर, बसातिया वाला, कांसापुर, गांव मंधार रादौर है।
जिलाधीश मुकुल कुमार ने जिला के अधिकारियों को निर्देश दिए है कि वे शादियों, सामाजिक और धार्मिक कार्यक्रमों में कोविड-19 कोरोना से बचाव के लिए सरकार द्वारा जारी किए गए निर्देशों और परामर्शो की पालना सुनिश्चित करें। उन्होंने आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के तहत आदेश जारी करते हुए कहा कि जिले के तीनों एसडीएम अपने-अपने उपमंडल में मैरिज पैलेस और बैंक्वेट हॉल के संचालकों की बैठक आयोजित करके उन्हें अपने संस्थान में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में इन निर्देशों का सख्ती से पालन कराए। उन्होंने कहा कि सर्दी बढ़ने के साथ-साथ देश और राज्य में कोरोना संक्रमण के मामलों में भी बढ़ोतरी हुई है। इसलिए सभी नागरिकों को कोरोना से बचाव के उपायों का ईमानदारी से पालन करें ताकि वे स्वयं सुरक्षित रहें और अन्य लोगों में इस संक्रमण को फैलने से रोका जा सकें। उन्होंने कहा कि शादियों, धार्मिक और सामाजिक आयोजनों में सरकार द्वारा निर्धारित संख्या में ही लोग शामिल हो। जिले में डेंगू के 40 केस हो चुके हैं। अभी मरीजों की संख्या में बढ़ती जा रही है। कोरोना महामारी के साथ डेंगू के केस मिलना, काफी खतरनाक माना जा रहा है। हालांकि जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग डेंगू और मलेरिया के केसों की रोकथाम के लिए भरसक प्रयास कर रहा है। वहीं नगर निगम, नगर पालिकाएं व जिला पंचायत द्वारा क्षेत्र में एंटी लार्वा भी छिड़कवा रहे हैं। लेकिन, डेंगू के मच्छरों का खात्मा नहीं हो पा रहा है।
कोरोना महामारी के बीच डेंगू ने भी दस्तक दे दी है। अब तक जिले में 40 केस डेंगू के मिल चुके हैं। जबकि गत वर्ष 54 केस मिले थे। यह स्वास्थ्य विभाग का आंकड़ा है। जबकि निजी अस्पतालों में भी काफी मरीज डेंगू का इलाज करा रहे हैं। निजी अस्पतालों में इस समय डेंगू के अधिक मरीज पहुंच रहे हैं। मरीजों की प्लेटलेट्स गिर रही है। सुखद यह है कि जिले में अभी तक कोई मौत डेंगू से होने का मामला सामने नहीं आया है। गत वर्ष छह मौतें डेंगू की वजह से हुई थी।इस वर्ष कोरोना महामारी के कारण स्वास्थ्य विभाग मलेरिया व डेंगू से बचाव के लिए कैंपेन नहीं चला सका। सोशल साइटों के जरिए ही लोगों को बचाव के पंपलेट भेजे गए। इस बार विभाग की ओर से 50762 मच्छरदानियां मलेरिया व डेंगू प्रोन क्षेत्र में बांटी गई है।
स्वास्थ्य विभाग की टीमें लोगों के घरों में भी चेकिंग करती है। यदि कही पर जमा पानी में डेंगू या मलेरिया का लारवा मिलता है, तो उन्हें नोटिस भी दिए जाते हैं। अभी तक स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने लगभग 61 हजार घरों की जांच की। जिनके घरों में लारवा मिला है, उन्हें नोटिस जारी किए गए। अधिकतर घरों में कूलर के पानी में ही लारवा मिला है। लोग भी कूलर को सप्ताह में साफ नहीं करते। जिस वजह से उसमें पानी जमा रहता है।