संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जगाधरी-पांवटा साहिब नेशनल हाईवे पर मानकपुर से चनेटी तक करीब तीन किलोमीटर हिस्से में डिवाइडर निर्माण का काम समय पर पूरा नहीं करने पर नगर निगम ने ठेकेदार पर 22 लाख 77 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। इससे पहले काम पूरा करने के लिए छह माह की अतिरिक्त मोहलत ले ली थी।
नगर निगम के अनुसार डिवाइडर का निर्माण पूरा होने के बाद उस पर लोहे की ग्रिल लगाई जानी है। इसका उद्देश्य यह है कि वाहन चालक और राहगीर हाईवे को निर्धारित कट के अलावा बीच से पार न कर सकें। हाईवे के बीच से अनधिकृत तरीके से सड़क पार करने के कारण दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। ऐसे में डिवाइडर और ग्रिल का निर्माण सड़क सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
डिवाइडर निर्माण को लेकर सबसे बड़ी शिकायत इसकी गुणवत्ता को लेकर सामने आई। निर्माण के कुछ समय बाद ही डिवाइडर जगह-जगह से टूटने लगा। इससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए। वहीं, काम की गति भी संतोषजनक नहीं रही। नगर निगम की ओर से ठेकेदार को निर्धारित समय में कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए थे।समय सीमा समाप्त होने के बाद भी काम पूरा नहीं हो सका।
सड़क सुरक्षा की बैठक में उठता रहा मामला
जगाधरी-पांवटा साहिब नेशनल हाईवे के इस हिस्से में पहले भी कई सड़क हादसे हो चुके हैं। इसी कारण मानकपुर से चनेटी के बीच डिवाइडर निर्माण का मामला लगातार सड़क सुरक्षा कमेटी की बैठकों में उठता रहा है। अधिकारियों से कार्य जल्द पूरा कराने और हाईवे पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने को कहा जाता रहा है। डिवाइडर निर्माण में देरी को लेकर जिला प्रशासन की ओर से भी नाराजगी जताई जा चुकी है।
हाईवे पर डिवाइडर निर्माण में ठेकेदार की ओर से काम में देरी व लापरवाही बरती गई है। इस पर ठेकेदार पर22.77 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। -मनदेव, एक्सईएन, नगर निगम।