प्रतापनगर। कलेसन नेशनल पार्क से होकर गुजरने वाली सूंकरा और पथराला नदी पर 18.28 करोड़ रुपये से होने वाले पुल का निर्माण कार्य रुक गया है। इसका निर्माण वर्ष 2025 के जुलाई माह में शुरू हुआ था। रुकने की वजह पुल का डिजाइन है। अब नया डिजाइन तैयार किया जा रहा है।
मुख्यालय से नये डिजाइन को मंजूरी मिलते ही दोबारा से इसके निर्माण कार्य को शुरू कर दिया जाएगा। बताया जा रहा है दिसंबर के पहले सप्ताह में यही प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। इसी साल मानसून सीजन के बाद ही इनका कार्य रोक दिया गया है। दोबारा से नये सिरे से पुल की प्रक्रिया को शुरू किया गया है। 18.28 करोड़ रुपये की कुल राशि में से 11.70 करोड़ रुपये से सूंकरा और 6.58 करोड़ रुपये से पथराला नदी पर पुल का निर्माण होना है। दोनों ही पुलों की होगी लंबाई-चौड़ाई बराबर
सूंकरा पर 115 मीटर (377 फीट) और पथराला पर 92 मीटर (300 फीट) लंबाई होगी, लेकिन चौड़ाई साढ़े सात मीटर (24.66 फीट) होगी। दोनों पुलों में 15 किमी. की दूरी है। ऐसे में कृषि यंत्र के अलावा बड़ा वाहन गुजारने में आसानी भी होगी। बता दें सूंकरा और पथराला दोनों ही बरसाती नदियां हैं। साथ, लगती शिवालिक की पहाड़ियों पर भारी बारिश होने पर ये उफान पर आ जाती हैं। ऐसे में कलेसर, बंजारा बांस, कांसली, मोझूबांस, बाबूराम बांस व चिकन गांवों का आपस में कट जाते हैं।
पुल के कारण टूटा पड़ा गांवों का आपस में संपर्क
सूंकरा और पथराला नदी पर पुल न होने के कारण कलेसर, बंजारा बांस, कांसली, मोझूबांस, बाबूराम बांस व चिकन गांवों के ग्रामीणों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पुल न होने के कारण इन गांवों का आपस में संपर्क टूटा पड़ा है। अभी तक ये ग्रामीण किसी तरह से सूखी इन नदियों के बीच से एक-दूसरे गांव में चले जाते हैं। बरसात के दिनों में उनके लिए समस्या और भी विकट हो जाती है। इस समस्या के बारे में ग्रामीणों ने साल 2022 में पुल बनाने की सरकार से मांग की गई थी।
दोनों पुलों के निर्माण का कार्य रोक दिया गया है। नये सिरे डिजाइन को तैयार किया जा रहा है। डिजाइन वेरिफाई होते ही पुल की प्रक्रिया दोबारा से शुरू कर दी जाएगी।
-सुरिंद्र कुमार, एक्सईएन, सिंचाई विभाग।