यमुनानगर। उत्तराखंड में राष्ट्रपति लागू करने पर भड़के कांग्रेसियों ने सोमवार को लघु सचिवालय के समक्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला फूंका। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द उत्तराखंड से राष्ट्रपति शासन नहीं हटवाया तो वे सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे।
कांग्रेस कमेटी के प्रदेश सचिव भूपेंद्र राणा के नेतृत्व में दर्जनों कांग्रेसी कार्यकर्ता सोमवार सुबह करीब 11 बजे जगाधरी अनाजमंडी गेट पर एकत्रित हुए। यहां उन्होंने उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन लगाने के विरोध में भाजपा की केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसके बाद लघु सचिवालय के समक्ष नेशनल हाईवे 73 के किनारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला फूंका। भूपेंद्र राणा ने कहा कि मौजूदा हालात को देखते हुए केंद्र ने जो कांग्रेस शासित प्रदेशों की सरकारों को गिराने का काम किया है वो बहुत ही निंदनीय है।
पहले अरुणाचल प्रदेश में और अब उत्तराखंड में भी राष्ट्रपति शासन लागू किया गया, जो सरासर गलत है। सोची समझी साजिश के तहत हिमाचल प्रदेश में वीरभद्र सरकार पर कार्यवाही करवाई गई, जो काफी शर्मनाक है। कांग्रेस प्रभारी पवन गर्ग, वरिष्ठ कांग्रेस नेता सतपाल कौशिक ने एसवाईएल मुद्दे पर कहा कि केंद्र व प्रदेश में भाजपा की सरकार होते हुए भी हरियाणा को उसके हिस्से का पानी दिलाने में नाकाम है।
इस पर भी सरकार सिर्फ राजनीति कर रही है। उन्होंने मौजूदा सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार अंग्रेजों की तरह फूट डालो राज करो की नीति अपना रही है, जिसे वह सहन नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि उनका कानून पर पूर्ण विश्वास है। जो कुठाराघात केंद्र सरकार ने उत्तराखंड की सरकार पर किया है। लेकिन उत्तराखंड मुख्यमंत्री पूर्ण बहुमत साबित करेंगे। प्रदर्शन में राजकुमार त्यागी, असलम, हेमराज, सुशील, कमल, संजय, विजय सहित पांच दर्जन कांग्रेसी कार्यकर्ता शामिल थे।