संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। विधानसभा चुनाव को लेकर गांवों से लेकर शहर में भी चुनावी चौपाल लग रही है। इनमें कौन-सा राजनीतिक दल, प्रत्याशी व उम्मीदवार बेहतर रहेगा? इस पर लोग एक-दूजे की राय जान रहे हैं। कई जगह राजनीतिक दल व प्रत्याशी की पसंद मेल न खाने पर बहस भी छिड़ रही है, वहीं कई लोग अभी से पसंदीदा राजनीतिक दल और प्रत्याशियों की हार-जीत पर दावे-शर्तें लगा रहे हैं।
भोजपुर गांव में लगी चुनावी चौपाल में गांव के अनमोल, शोएब, शंकर, राकेश, मुकेश, इसराइल शामिल रहे। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव की प्रदेश के विकास में अहम भूमिका है, इसलिए इसमें राजनीतिक दलों व नेताओं के बयान व घोषणाओं में वास्तविकता झलकनी जरूरी है। कई बयान व घोषणाएं देखने सुनने से ही लगता है कि वह केवल चुनाव में जनता को वोट के लिए लुभावने जैसे हैं। क्योंकि उन पर धरातल पर कैसे काम होगा, यह नहीं बताया जाता है।
उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार के भी कई काम कार्यकाल में पूरे नहीं हुए। इससे जनता को निराशा होती है। प्रॉपर्टी आईडी व पोर्टल जैसी कई समस्याएं भी रहीं। सभी को ध्यान में रखते हुए विधानसभा चुनाव में सभी राजनीतिक दलों व प्रत्याशियों को बताना चाहिए कि उनके पास जनता की समस्याओं का समाधान करने के लिए क्या उपाय है।
साथ ही पेंशन, शिक्षा, रोजगार आदि मुद्दा पर जो घोषणाएं की जा रही हैं, उन्हें पूरा किस तरह किया जाएगा यह भी स्पष्ट करना चाहिए। इसके जरिए जनता को चुनावी मैदान में उतरे राजनीतिक दलों व प्रत्याशियों में बेहतर कौन, यह पता चल सकेगा। चुनावी चौपाल के दौरान कई लोगों ने अपने-अपने पसंद के राजनीतिक दल व प्रत्याशी भी बताए। इस पर कइयों ने जीत के दावे-शर्तें भी लगाए।