अंबाला लोकसभा सीट पर यमुनानगर जिले से भाजपा प्रत्याशी पर हुई वोटों की बरसात ने दूसरे दलों को चिंता में डाल दिया है।
जिले की चार विधानसभा सीटों में से एक पर कांग्रेस और तीन पर विपक्षी दलों का कब्जा है। यह दीगर है कि विधानसभा चुनाव में क्षेत्रीय मुद्दे मतदाताओं की सोच पर असर डालते हैं। इसके बावजूद यह कहना गलत नहीं होगा कि केंद्र में भाजपा की सरकार बनने पर हरियाणा में चार माह बाद होने वाले विधानसभा चुनाव में इसका असर साफ तौर पर पड़ेगा।
जगाधरी : बसपा को सीट बचाने की चुनौती
वर्ष 2009 में हुए विधानसभा चुनाव में जगाधरी विधानसभा क्षेत्र में बसपा प्रत्याशी अकरम खान 39868 वोट लेकर विजयी हुए थे। जबकि भाजपा उम्मीदवार कंवरपाल 31657 मत लेकर तीसरे स्थान पर रहे। लोकसभा चुनाव में जगाधरी विस क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी रतनलाल कटारिया को 76674 मत पड़े हैं। गौरतलब है कि जगाधरी विधानसभा क्षेत्र में छछरौली और खिजराबाद ग्रामीण क्षेत्र भी है, जो कभी छछरौली विधानसभा में आते थे। परिसीमन के बाद छछरौली विधानसभा सीट समाप्त कर इसे जगाधरी के साथ जोड़ दिया गया। लोकसभा चुनाव में खिजराबाद और छछरौली से भी भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में भारी मतदान हुआ है।
यमुनानगर : इनेलो को करनी पड़ेगी मजबूत किलेबंदी
पिछले विधानसभा चुनाव में यमुनानगर हलके में इनेलो प्रत्याशी दिलबाग सिंह 46984 मतों के साथ जीते थे। जबकि भाजपा प्रत्याशी घनश्याम दास 15526 मताें के साथ तीसरे स्थान पर रहे। लोकसभा चुनाव में यमुनानगर से भाजपा प्रत्याशी को 82355 मत हासिल हुए। उल्लेखनीय है कि यमुनानगर विस क्षेत्र का अधिकतर इलाका शहरी है। लोकसभा चुनाव से पूर्व हुए नगर निगम चुनाव में यमुनानगर विस क्षेत्र से भाजपा के चुनाव चिह्न पर चार पार्षद चुने गए, जबकि एक भाजपा समर्थित पार्षद ने जीत हासिल की थी। यमुनानगर क्षेत्र के इनेलो विधायक की मतदाताआें पर अच्छी पकड़ है, लेकिन पहले नगर निगम चुनाव और अब लोकसभा चुनाव में भाजपा के पक्ष में हुआ वोटों का ध्रुवीकरण इस सीट पर भाजपा के लिए सुखद संकेत है।
रादौर : इनेलो को हो सकता है नुकसान
पिछले विधानसभा चुनाव में रादौर विधानसभा सीट पर इनेलो के डॉ. बिशनलाल सैनी 29593 मत लेकर विधायक बनें। जबकि भाजपा के श्याम सिंह 13657 मतों के साथ चौथे स्थान पर खिसक गए थे। रादौर सीट कुरुक्षेत्र संसदीय सीट के अंतर्गत आती है। इस सीट पर कांग्रेस और इनेलो का काफी वोट बैंक है। लेकिन लोकसभा चुनाव में इस क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी राजकुमार सैनी को सर्वाधिक 35764 वोट मिले हैं। हालांकि कुरुक्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी नवीन जिंदल को रादौर से 32018 मत पड़े, लेकिन लोस चुनाव में वह तीसरे स्थान पर रहे।
साढौरा : कांग्रेस को मिलेगी कड़ी टक्कर
साढौरा विधानसभा सीट जिले की एकमात्र सीट है, जिस पर पिछले विस चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी विजयी रहा। विधानसभा चुनाव में राजपाल भूखड़ी को 47263 वोट पड़े थे। ग्रामीण इलाका होने के कारण इस चुनाव में भाजपा प्रत्याशी दाताराम को मात्र 4496 मत हासिल हुए थे। यह माना जाता रहा है कि भाजपा की ग्रामीण क्षेत्रों में पकड़ कमजोर है, लेकिन देश भर में चली मोदी लहर ने इस ग्रामीण सीट पर भी कमल खिला दिया। साढौरा विस क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी की झोली में 65771 मत पड़े। जबकि साढौरा से कांग्रेस का विधायक होने के बावजूद कांग्रेस उम्मीदवार राजकुमार वाल्मीकि को यहां 28942 मत हासिल हुए हैं।