यमुनानगर/रादौर। प्राइमरी स्कूल सढूरा प्रदेश का पहला ऐसा सरकारी स्कूल बन गया है, जहां पंचायत व अध्यापकों के प्रयास से बुधवार को कंप्यूटर लैब की स्थापना की गई है। अब तक प्रदेश के किसी भी प्राइमरी स्कूल में कंप्यूटर लैब की सुविधा नहीं है। यह प्राइमरी स्कूल सढूरा के अध्यापक कैलाशचंद्र धामु व गांव की महिला सरपंच नीलम शर्मा, उनके पति सोहन शर्मा के प्रयासों से संभव हो पाया है। कंप्यूटर लैब का शुभारंभ बुधवार को खंड शिक्षा अधिकारी धर्मेंद्र सिंह ने किया।
कंप्यूटर लैब में शुरूआती तौर पर दो कंप्यूटर अध्यापक और पंचायत के सहयोग से रखे गए हैं। कंप्यूटर लैब के खुलने से स्कूल के पहली से पांचवीं तक के 63 बच्चे अब गांव में ही कंप्यूटर शिक्षा ग्रहण कर सकेंगे। कंप्यूटर लैब में एक कंप्यूटर प्राइमरी अध्यापक कैलाशचंद्र ने दिया है। वहीं, दूसरा कंप्यूटर गांव की महिला सरपंच नीलम शर्मा व उनके पति सोहन शर्मा ने भेंट किया है। गांव के स्कूल में कंप्यूटर लैब खुलने पर सभी ग्रामीण बेहद खुश नजर आए।
पंचायत फंड से नियुक्त होगा अध्यापक
प्राइमरी स्कूल सढूरा के अध्यापक कैलाशचंद्र ने बताया कि वह 6 वर्ष से शिक्षा विभाग में कार्यरत है। गांव सढूरा में एक अप्रैल से उन्होंने कार्यभार संभाला है। उन्होंने बताया कि आज कंप्यूटर युग का जमाना है। इसलिए सरकारी स्कूल के बच्चों को भी कंप्यूटर शिक्षा से जोड़ना चाहिए। इसी बात को लेकर उन्होंने गांव की पंचायत से बातचीत की। पंचायत की ओर से स्कूल को एक कंप्यूटर देने पर सहमति जताई गई। जिसके बाद उन्होंने अपनी ओर से कंप्यूटर लैब के लिए एक कंप्यूटर देने की घोषणा की। पंचायत ने कंप्यूटर लैब के लिए अध्यापक पंचायत फंड से नियुक्त करने की घोषणा की है।
दो और कंप्यूटरों की है आवश्यकता
कैलाशचंद्र ने बताया कि उन्हें अभी लैब के लिए दो और कंप्यूटरों की आवश्यकता है, जिसके लिए वह समाजसेवी संस्थाओं व समाज के लोगों से संपर्क कर रहे हैं। स्कूल में कंप्यूटर लैब खुलने से स्कूल अब डिजिटल इंडिया के तहत प्रदेश का पहला डिजिटल प्राइमरी स्कूल भी बन गया है। उन्होंने बताया कि प्राइमरी स्कूल सढूरा में कंप्यूटर लैब बनने के बाद अब उनका प्रयास ब्लॅाक रादौर के अन्य प्राइमरी स्कूलों में कंप्यूटर लैब खुलवाना है। कैलाशचंद्र ने बताया कि स्कूल में कंप्यूटर लैब खुलवाने में स्कूल के अध्यापक अरविंद कुमार व अध्यापिका जयदीप ने सहयोग किया है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले पंचायत के सहयोग से अध्यापक कैलाशचंद्र ने प्राइमरी स्कूल सढूरा में इनवर्टर सुविधा बच्चों के लिए उपलब्ध करवाई थी।
प्रदेश के गवर्नमेंट प्राइमरी स्कूलों में कंप्यूटर लैब का प्रावधान नहीं है। सढूरा प्राइमरी स्कूल में खुली लैब प्रदेश के प्राइमरी स्कूलों की पहली कंप्यूटर लैब है।
धमेंद्र सिंह, खंड शिक्षा अधिकारी