संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। मॉडल टाउन में चल रहे चातुर्मास के आठवें दिन प्रवचन करते हुए डॉ. स्वाति महाराज ने कहा कि हमारे जीवन में संगति का बहुत महत्व है। जैसी हमारी संगति होगी वैसा ही हमारा जीवन बनता चला जाता है, जैसा कि कहा भी गया है, जैसी संगत वैसी रंगत व्यक्ति जन्म से अच्छा या बुरा नहीं होता।
उन्होंने कहा कि मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है। वह समाज में ही जन्मता और समाज में ही रहता, पनपता और अंत तक तक उसी में रहता है। अपने परिवार, संबंधियों और पड़ोस वालों तथा अपने कार्यक्षेत्र में वह विभिन्न प्रकार के स्वभाव वाले व्यक्तियों के संपर्क में आता है निरंतर संपर्क कारण एक दूसरे का प्रभाव एक दूसरे के विचारों और व्यवहार पर पड़ते रहना स्वाभाविक है।
उन्होंने कहा कि सत्संगति का अर्थ है अच्छे आदमियों की संगति, गुणी जनों का साथ। अच्छे मनुष्य . का अर्थ है वे व्यक्ति जिनका आचरण अच्छा है, जो सदा श्रेष्ठ गुणों को धारण करते और अपने संपर्क में आने वाले व्यक्तियों के प्रति अच्छा बर्ताव करते हैं।