संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। धान खरीद शुरू होने के एक सप्ताह के भीतर ही अनाज मंडियों में हालात खराब हो गए हैं। अनाज मंडियां धान की बोरियों से अट गई हैं। किसानों को मंडियों की सड़कों पर धान सुखाने के लिए भी जगह नहीं मिल रही।
मंडियों से धान का उठान नहीं होने के विरोध में आढ़तियों ने भी जगाधरी में बैठक की। जिसमें आढ़तियों ने पांच अक्तूबर से जिले की सभी 13 अनाज मंडियों को बंद करने का निर्णय लिया है। जब तक धान का उठान शुरू नहीं होता तब तक मंडियों को बंद रखा जाएगा। आढ़तियों के इस निर्णय से किसानों की परेशानी बढ़ सकती है।
जिले की अनाज मंडियों के सभी आढ़तियों की बैठक जगाधरी में जिला प्रधान जगमाल सिंह शेरपुर की अध्यक्षता में हुई। जिसमें चेयरमैन शिवकुमार संधाला व संरक्षक लाल अशोक गर्ग भी मौजूद रहे। जगमाल सिंह ने कहा कि सभी अनाज मंडियों में करीब 20 लाख बोरियां धान की पड़ी हुई हैं। एक सप्ताह में करीब 2500 बोरी का ही मंडियों से उठान हो पाया है।
इससे आढ़तियों के साथ-साथ किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मंडियों में जो धान खरीदा जा रहा है उसे खुले में ही रखना पड़ रहा है। जिस धान में नमी ज्यादा है उसे सुखाने में भी परेशानी हो रही है। इसलिए सर्व सम्मति से निर्णय लिया है कि यदि उठान शुरू नहीं होता है तो पांच अक्तूबर से मंडियों को बंद रखा जाएगा। किसान ट्रैक्टर-ट्रालियों में जो धान लेकर आएंगे उसे मंडी में उतार कर ढेरी लगा दी जाएगी।
उसे सुखाने का कार्य नहीं किया जाएगा और न ही खरीदा जाएगा। जब तक उठान नहीं होता तब तक मंडियां बंद रहेंगी। खेतों में धान की कटाई इस वक्त जोरों पर चल रही है। मौसम को देखते हुए किसान कंबाइन मशीन से धान कटवा रहे हैं। इसलिए मंडियों में आवक भी बढ़ रही है। अनाज मंडी जगाधरी एसोसिएशन के प्रधान मनीष कांबोज का कहना है कि उठान न होने से धान सुखाने व स्टोर करने में दिक्कत आ रही है।
गोदामों में रखा जा रहा धान : डीएफएससी
डीएफएससी जीतेश गोयल का कहना है कि राइस मिलर्स के साथ बातचीत चल रही है। जब तक राइस मिलर्स से कोई एग्रीमेंट नहीं होता तब प्रशासन ही धान को उठवा रहा है। धान को उठाकर गोदामों या शेड के नीचे रखा जा रहा है।