यमुनानगर। शहर की 35 और कॉलोनियों पर मंगलवार को सरकार की स्वीकृति संबंधी मुहर लग गई है। इसकी पुष्टि नगर निगम मेयर मदन चौहान ने की। जिन्होंने इसकी अधिसूचना अपने फेसबुक पेज पर पोस्ट कर शहर वासियों को बधाई दी है। इसमें उन्होंने लिखा है कि हरियाणा में सबसे पहले यमुनानगर में निगम की कॉलोनियों को वैध किया गया है। उन्होंने इसे यमुनानगर वासियों को मुख्यमंत्री मनोहर लाल का तोहफा बताया। चंडीगढ़ में मंगलवार को सीएम के साथ मेयर की बैठक हुई। इसके बाद शहर की 35 कॉलोनियों को स्वीकृत करने बारे अधिसूचना जारी की गई। इन कॉलोनियों के वैध होने के बाद यहां विकास की रफ्तार बढ़ेगी।
जारी अधिसूचना में ये कॉलोनियों शामिल
कॉलोनी - क्षेत्र (एकड़ में) - राजस्व संपदा
अमर विहार - 42.9 - जगाधरी
औरंगाबाद-1 - 3.41 - औरंगाबाद
बगवाली - 6.15 - जगाधरी
बैंक कॉलोनी - 11.77 - ससौली
गधौली कॉलोनी - 5.85 - गधौली
ज्योति नगर - 16.82 - तेजली
गोगा माडी कॉलोनी - 3.08 - नाभ
ग्रीन विहार - 1.62 - चनेटी और जगाधरी
जिमखाना कॉलोनी - 8.54 - गोबिंदपुरा
हनुमान कॉलोनी-2 - 3.48 - गधौली
इंडस्ट्रियल कॉलोनी-2 - 7.76 - पांसारा और तजकपुर
जम्मू कॉलोनी - 3.86 - ममीदी
कैलाश नगर - 3.36 - चनेटी
कैलाश नगर - 3.27 - पंसारा
खेड़ी रांगडान-2 - 5.02 - खेड़ी रांगडान
लेबर कॉलोनी - 3.53 - फर्कपुर
मढी कॉलोनी - 2.46 - बूड़िया जागीर
माजरी कॉलोनी - 4.35 - फर्कपुर
माजरी कॉलोनी - 5.95 - फर्कपुर
मस्जिद कॉलोनी - 4.64 - रायपुर
राजेश कॉलोनी-2 - 3.928 - बडी माजरी
रविनगर - 3.02 - गोबिंदपुरा
शम्भू कॉलोनी - 12.41 - पांसरा
ससौली कॉलोनी-4 - 2.67 - ससौली
सत्संग विहार-2 - 5.711 - ममीदी
शम्भू कॉलोनी एक्स-2 - 3.48 - पांसरा
शांति कॉलोनी - 4.34 - ममीदी
शांति कॉलोनी - 5.10 - जगाधरी
सुंदरनगर-2 - 17.83 - तेजली
तेली माजरा एक्स-1 - 5.35 - जगाधरी
त्यागी कॉलोनी एक्स-1 - 2.07 - ममीदी
वीर नगर कॉलोनी - 32.35 - तेजली
विपिन कॉलोनी - 3.32 - जगाधरी
विष्णु गार्डन कॉलोनी - 52.66 - जगाधरी
अब मिलेंगी मूलभूत सुविधाएं
अभी तक उक्त कॉलोनियां स्वीकृत न होने के चलते यहां के बाशिंदे मूलभूत सुविधाओं से तरस रहे थे। कहीं पक्की गलियां व नालियां तो कहीं स्ट्रीट लाइट, पानी निकासी जैसी मूल सुविधाओं का अभाव रहा, क्योंकि इन सुविधाओं से जुड़े विभागों के अफसर उक्त क्षेत्र के स्वीकृत न होने से चाहकर भी यहां काम नहीं करवा पाए। खामियाजा इन कॉलोनियों के रह रहे लोग भुगत रहे हैं, जो वर्षों बाद भी मूल सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। जबकि अब कॉलोनियों के स्वीकृत होने पर मूल सुविधाएं व अन्य विकास कार्य भी हो सकेंगे।