सीएम फ्लाइंग की टीम ने शनिवार सुबह यमुना नदी के नगली घाट पर तीन लोगों को राहगीरों से अवैध वसूली करते रंगे हाथों पकड़ा है। टीम ने तीनों को जठलाना पुलिस के हवाले किया। पुलिस ने टीम की शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ धारा 407, 420 व 120बी के तहत जालसाजी का केस दर्ज किया है। आरोपियों से 1900 रुपये व रसीद बुक भी कब्जे में ले ली है। नगली घाट पर ठेकेदार को निर्धारित दामों पर वाहनों की आवाजाही को लेकर तय रेट लिये जाने के लिए अधिकृत किया गया था। वहीं ठेकेदार के कर्मचारी वाहन चालकों से अवैध वसूली करते पकड़े गए।
सीएम फ्लाइंग की टीम ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि यमुना नदी के नगली घाट पर अवैध वसूली की जा रही है। इसके बाद टीम के सदस्य एएसआई राजबीर सिंह, एएसआई हितेंद्र कुमार, हैड कांस्टेबल गुरमीत सिंह व अन्य कर्मचारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने देखा कि ठेकेदार के तीन कर्मचारी करनाल के गांव खूखनी निवासी सतीश कुमार, संधाली निवासी रजत व गुमथला निवासी जोगिंद्र यमुना नदी से गुजरने वाले वाहन चालकों से अधिक वसूली कर रहे थे। पूछने पर पता चला कि उन्हें ठेकेदार सतीश कुमार द्वारा नौकरी पर रखा गया है। उनके कहने पर ही बाइक चालक से 50 रुपये, कार चालक से 100 रुपये व छोटा हाथी वाहन से 200 रुपये वसूल रहे हैं। ठेकेदार ने उन्हें एक रसीद बुक भी छपवाकर दी है। जिसके बाद सीएम फ्लाइंग टीम ने सूचना देकर बीडीपीओ रादौर कंवरभान नरवाल को मौके पर बुलाया। बीडीपीओ ने जांच के बाद पाया कि नियमों का उल्लंघन हुआ है और ठेकेदार ने वाहन चालकों से ज्यादा पैसे वसूले है।
दस गुना रुपये वसूल रहे थे आरोपी
बीडीपीओ कंवरभान नरवाल ने बताया कि खाली बाइक को ले जाने पर पांच रुपये, किश्ती में लदी हुई 10 रुपये व कार से 10, 15 व 20 रुपये ले सकते है। जबकि ठेकेदार वाहन चालकों से अवैध रूप से वसूली करता पकड़ा गया। 12 जून 2020 को आवाजाही के लिए ठेकेदार सतीश कुमार को ठेका दिया गया था। ठेेकेदार ने घाट पर अवैध वसूली करवाकर सरकार को अनुचित हानि पहुंचाई है। इसलिए पुलिस ने ठेकेदार के खिलाफ जालसाजी का केस दर्ज किया है।