शहर में दिनभर छाए रहे काले बादल। संवाद
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यमुनानगर। जिले में बुधवार को सुबह से ही आसमान में घने बादल छाए रहे, जिससे पूरे दिन धूप नहीं निकली और मौसम में ठंडक बनी रही। पिछले दिनों हुई बारिश और ओलावृष्टि के कारण पहले ही तापमान में गिरावट आ चुकी थी, ऐसे में बादलों की मौजूदगी ने ठंड का अहसास और बढ़ा दिया। जिले का अधिकतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 15 डिग्री दर्ज किया गया। दिनभर हल्की धूप निकलने से लोगों को ठंडक का सामना करना पड़ा। मौसम विभाग ने वीरवार और शुक्रवार को जिले में बारिश के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना जताई है। इसके चलते तापमान में और गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे एक बार फिर ठंड का असर बढ़ेगा।
मौसम में आए इस बदलाव का असर आम जनजीवन के साथ-साथ किसानों पर भी साफ दिखाई दे रहा है। तीन दिन पहले हुई बारिश और ओलावृष्टि के बाद चली तेज हवाओं ने खेतों में खड़ी गेहूं की फसल को काफी नुकसान पहुंचाया था। कई जगहों पर फसल जमीन पर गिर चुकी है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। किसानों का कहना है कि यदि अब दोबारा बारिश के साथ तेज हवा चलती है तो गेहूं की बची हुई फसल को भी भारी नुकसान हो सकता है। फसल के गिरने से उत्पादन पर सीधा असर पड़ेगा, जिससे आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के एपीपीओ डॉ. सतीश अरोड़ा का कहना है कि किसानों को सतर्क रहने और मौसम के पूर्वानुमान के अनुसार आवश्यक कदम उठाने चाहिए। फिलहाल गेहूं की सिंचाई करने से बचना चाहिए। क्योंकि पानी देने से खेत में नमी बढ़ जाएगी। ऐसे में बारिश भी हुई तो फसल के खेतों में गिरने का खतरा और ज्यादा बढ़ जाता है।
सिविल सर्जन डॉ. जितेंद्र सिंह का कहना है कि मौसम बार-बार करवट ले रहा है। कभी गर्मी तो कभी सर्दी वाला मौसम हो रहा है। ऐसे में लोगों को अपने स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है। खासकर बच्चों व बुजुर्गों के मामले में तो बिल्कुल भी लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। इससे बुखार, नजला, खांसी होने की संभावना बढ़ जाती है। इसलिए ठंड महसूस होने पर हल्के गर्म कपड़े पहने। तबीयत खराब हो तो तुरंत डॉक्टर से चेकअप कराएं। संवाद