नगर निगम की ओर से स्वच्छ भारत मिशन के तहत स्वच्छता सर्वेक्षण 2021 को लेकर शहरवासियों को जागरूक करने के लिए मंगलवार को जगाधरी के हरियाणा इंजीनियरिंग कॉलेज में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें नगर निगम के अधिकारियों, कर्मचारियों, पार्षदों व अन्य शहरवासियों ने भाग लिया। मुख्य अतिथि हरियाणा के शिक्षामंत्री कंवरपाल गुर्जर, नगर निगम महापौर मदन चौहान, आयुक्त धर्मवीर सिंह, संयुक्त आयुक्त बीबी कौशिक व सीएसआई अनिल नैन ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यशाला में मुख्य वक्ता फीडबैक फाउंडेशन के सीईओ अजय सिन्हा ने स्वच्छता सर्वेक्षण 2021 के बारे में विस्तार से चर्चा की और लोगों को कचरे का सही तरीके से निस्तारण करने के तरीके बताए। इस संबंध में शहरवासियों को जागरूक करने के लिए उन्होंने निगम के अधिकारियों व कर्मचारियों को ट्रेनिंग दी और कचरे का उचित तरीके से निपटान करने के बारे में जानकारी दी।
मुख्य अतिथि शिक्षामंत्री कंवरपाल ने कहा कि स्वच्छता सर्वेक्षण में अव्वल स्थान पर आने के लिए हमें खुद भी जागरूक होना होगा। नगर निगम कर्मचारियों द्वारा स्वच्छता को लेकर उठाए जा रहे कदमों में हमें भी आगे आकर सहयोग करना होगा। स्वच्छता का उद्देश्य केवल आसपास की सफाई करना ही नहीं है अपितु नागरिकों की सहभागिता से अधिक-से अधिक पेड़ लगाना, कचरा मुक्त वातावरण बनाना, शौचालय की सुविधा उपलब्ध कराकर एक स्वच्छ शहर का निर्माण करना है। इसके लिए न केवल नागरिकों को स्वच्छता संबंधी आदतें अपनाने बल्कि हमारे शहर की छवि स्वच्छता के लिए तत्परता से काम कर रहे देश के रूप में बनाने में भी मदद करेगा। नगर निगम मेयर मदन चौहान ने कहा कि नगर निगम साफ शहर, स्वच्छ शहर का सपना संजोय हुए है। यह सपना शहरवासियों के सहयोग से ही पूरा हो सकता है। यदि हर शहरवासी इस स्वच्छता में सहयोग करें तो हम स्वच्छता सर्वेक्षण 2021 में नंबर वन पर आ सकते है।
मुख्य वक्ता अजय सिन्हा ने ट्रेनिंग देते हुए बताया कि हमारे घरों से चार प्रकार का कचरा निकलता है। डोमेस्टिक बायो मेडिकल वेस्ट (घरेलू जैव चिकित्सा अपशिष्ट), ड्राई वेस्ट ( सूखा कूड़ा), वेट वेस्ट (गीला कूड़ा) व डोमेस्टिक हजार वेस्ट (घरेलू खतरा कूड़ा)। चारों प्रकार के कूड़े के निस्तारण के लिए हमें अलग अलग डस्टबिन का इस्तेमाल करना है। डोमेस्टिक बायो मेडिकल वेस्ट के लिए लाल रंग का डस्टबिन, ड्राई वेस्ट के लिए नीले रंग, वेट वेस्ट के लिए हरे रंग व डोमेस्टिक हजार वेस्ट के लिए काले रंग का डस्टबिन इस्तेमाल करना है। इस संबंध में हमें शहरवासियों को भी जागरूक करना है। इसके अलावा इस कूड़े को सीधा खुले में नहीं फेंकना है। शहर को स्वच्छता में सबसे अहम योगदान घर के अंदर रहने वाली महिला का होता है। यदि महिला इस कचरे का सही तरीके से निपटान करती है तो स्वच्छ भारत का निर्माण किया जा सकता है। सफाई कर्मचारियों के प्रति भी हमें अपनी सोच को बदलना होगा। स्वच्छता सैनिक के रूप में कार्य कर रहे सफाई कर्मचारियों को हम कूडा ढोने वाला, कूडे़ वाला आदि नामों से पुकारते है। यह गलत है। शहर की स्वच्छता में यह अहम योगदान निभाते है। इन्हें हम स्वच्छता सैनिक कहें तो बहुत अच्छा होगा। मौके पर सीपीओ विपिन गुप्ता, एसई आनंद स्वरूप, एक्सईएन रवि ओबरॉय, एमई मृणाल जेयसवाल, एमई सुमित, एसआई अमित कांबोज, एसआई प्रदीप दहिया आदि मौजूद रहे।