स्वच्छता सर्वेक्षण के तहत नगर निगम शहर को चमकाने में लगा हुआ है। शहर जल्द साफ करने के चक्कर में नगर निगम पर्यावरण दूषित कर रहा है। एनजीटी के आदेशों के प्रति लोगों को तो जागरूक करने की जिस नगर निगम की जिम्मेदारी है। उसी निगम के कर्मचारी एनजीटी के आदेशों की धज्जियां उड़ा रहे। एनजीटी के आदेशों के मुताबिक प्लास्टिक प्रयोग व जलाने पर पूर्णत: प्रतिबंध लगाया गया है। लेकिन नगर निगम के कर्मचारी रात को सड़क पर झाडू लगाकर एकत्र होने वाले पेपर, प्लास्टिक, पॉलिथीन, फोम व थर्माकोल डिस्पोजल इत्यादि को उठाने के बजाए जलाकर नष्ट कर रहा है। यह काम रात के अंधेरे में किया जाता है। ताकि कम समय में काम निपटा लिया जाए। लेकिन इसे पर्यावरण को कितनी हानि हो रही है, उस बारे जरा नहीं सोचा जा रहा है। वहीं सर्वेक्षण टीम कभी भी यहां आ सकती है। ऐसे में कूड़ा निपाटन देखकर संभव नहीं कि यमुनानगर को अंक मिल पाए।
रात को शहर की सड़कों पर लगती है झाडू
सुबह से ही सड़कों पर वाहन दौड़ने शुरू हो जाते हैं। इस दौरान झाडू लगाने में परेशानी होती है। जिस कारण रात को यह काम किया जाता है। ताकि इससे सफाई के दौरान कर्मचारियों को और न ही शहर वासियों को परेशानी हो। रात दस बजे के बाद शहर की सड़क पर नगर निगम कर्मचारी झाडू लगाना शुरू कर देते हैं।
बाजार से निकलता है पॉलिथीन और पेपर वेस्ट
शहर के सभी मुख्य बाजारों से पॉलिथीन और पेपर वेस्ट भारी मात्रा में निकलता है। झाडू लगाकर निगम कर्मचारी कुछ दूरी पर इसकी छोटी-छोटी ढ़ेरियां लगा देते हैं। सड़क के दोनों तरफ इस कचरे की ढ़ेरियां लगा दी जाती है। इसमें कचरे में सबसे ज्यादा मात्रा पैकिंग पॉलिथीन, पेपर वेस्ट और फॉम व थर्माकोल वेस्ट की होती है। जिसे एकत्र करना मुश्किल होता है।
तीन-तीन कर ढेरियों में लगाई जाती है आग
सफाई के दौरान कचरे की सड़क के दोनों तरफ छोटी-छोटी ढेरियां लगा दी जाती हैं। फिर तीन-चार ढेरियों में आग लगाई जाती है। ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि आग का किसी को पता न चल पाए। यदि दोनों तरफ आग एक साथ लगा दी जाए तो ज्यादा होने के कारण धुंआ और आग दूर से ही दिखाई देगी।
रात को यहां जलती मिली कचरे की ढेरियां
देर रात रेलवे स्टेशन रोड के महाबीर चौक, जोगिंद्र मार्केट, पुरानी सब्जी मंडी रोड, न्यू मार्केट, पेपर मिल गेट, नगर निगम के पास, भाटिया बिल्डिंग, वर्कशॉप रोड, नजदीक बस स्टैंड इत्यादि जगहों पर गंदगी के ढेरों में आग जलती मिली, जिसमें पॉलिथीन, डिस्पोजल इत्यादि नष्ट किया जा रहा था।
कूड़ा जमा करने में होती है परेशानी तो देते हैं जला
रात को सफाई में जुटें कुछ कर्मचारियों से पूछने पर पता चला कि दुकानों से भारी मात्रा में फुलावटी वेस्ट निकलता है, जिसे उठाने और संभालने में काफी परेशानी होती है। प्रतिदिन इतना ही वेस्ट निकलता है। इसे रखने की जगह नहीं होती है। हल्का होने के कारण यह उड़कर फैल जाता है। इसे जलाकर नष्ट कर देते हैं फिर बाकी वेस्ट उठा लेते हैं।
ऐसा नहीं किया जा रहा। न ही उनके संज्ञान में है। यदि ऐसा हो रहा है तो वे स्वयं रात का निरीक्षण करेंगे। इस बारे संबंधी इंस्पेक्टर से भी जानकारी ली जाएगी। ऐसा करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सर्वेक्षण को लेकर पूरी तरह निगम तैयार है।
-अनिल नैन, चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर, नगर निगम।