फास्टैग लागू होने के पहले दिन ही मिल्क माजरा टोल प्लाजा पर एनएचएआई और टोल कलेक्शन कंपनी की व्यवस्था चौपट नजर आई। 14 में से चार लाइन कैश की होने से एक किलोमीटर लंबा जाम लग गया, फास्टैग सिस्टम के कारण वाहन टोल से क्रॉस ही नहीं हो पाए। इसके चलते घंटों तक वाहन चालक जाम से जूझते रहे। टोल कर्मियों और वाहन चालकों के बीच बहस भी शुरू हो गई।
रविवार सुबह टोल प्लाजा पर दोनों तरफ की 7-7 टोल बूथों में से प्रत्येक साइड में पांच टोल बूथों को फास्टैग वाहनों के लिए और शेष दो- दो टोल बूथों को कैश लेनदेन के लिए निश्चित कर दिया गया। लेकिन सर्वर डाउन होने के कारण फास्टैग एवं कैश लेनदेन वाली सभी टोल बूथों से वाहनों का आवागमन प्रभावित हो गया। इसके कारण काफी लंबा जाम लग गया। वाहन चालकों के बढ़ते दबाव को देखकर टोल कर्मियों ने छोटी मशीन का इस्तेमाल कर पर्ची काटना शुरू कर दिया। अंबाला - सहारनपुर नेशनल हाईवे रोजाना करीब दस हजार वाहन गुजरते हैं।
इसलिए शुरु हुई है फास्टैग की व्यवस्था
देशभर के राष्ट्रीय राजमार्गों के टोल प्लाजा पर इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन (ईटीसी) के जरिये टोल वसूली की व्यवस्था रविवार सुबह से लागू हो गई। राष्ट्रीय राजमार्गों पर वाहनों पर टोल पर लगने वाली लंबी कतारों से छुटकारा दिलाने के लिए फास्टैग सिस्टम लागू किया गया है। फिलहाल टोल प्लाजा पर 100 फीसद के बजाय 75 फीसदी टोल लेन पर ही ईटीसी के जरिये फास्टैग से शुल्क काटा जाएगा। बाकी 25 फीसदी लेन पर वाहन मैनुअल तरीके से टोल चुकाकर यात्रा कर पाएंगे। इससे पहले टोल पर सिर्फ एक नगदी लेन रखने और उससे गुजरने पर दोगुनी टैक्स वसूलने की बात थी। केंद्र सरकार ने भी सभी वाहनों के रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन आधारित फास्टैग जारी नहीं हो पाने की वजह से थोड़ी राहत दी है।
15 जनवरी तक रहेगी ये व्यवस्था
मंत्रालय की तरफ से शनिवार को जारी आदेश में कहा गया था कि ज्यादा वाहनों की आवाजाही वाले टोल प्लाजा पर कुल टोल लेन के 25 फीसदी को हाइब्रिड मोड में उपयोग किया जा सकता है। हालांकि बिना फास्टैग वाले वाहनों के ईटीसी लेन में घुसने पर दोगुना टोल वसूले जाने के आदेश में बदलाव नहीं किया गया है। यानी बिना टैग वाली गाड़ी अगर फास्टैग लेन में आती है तो उन्हें दोगुना भुगतान करना पड़ेगा।
ऐसे खरीदें फास्टैग
फास्टैग को 22 अधिकृत बैंकों से प्वाइंट ऑफ सेल जैसे विभिन्न चैनलों से ऑफलाइन खरीदा जा सकता है। ऐक्टिवेशन के वक्त बैंक की केवाईसी पॉलिसी के तहत आपको केवार्इसी डॉक्युमेंट्स जमा कराना होगा। केवाईसी डॉक्युमेंटेशन के अलावा, बैंक को फास्टैग के ऐप्लिकेशन के साथ-साथ गाड़ी का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट भी देना होगा। फास्टैग की बिक्री राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल प्लाजा और चुनिंदा बैंक शाखाओं में हो रही है। साथ ही इसकी बिक्री ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर भी हो रही है।
टोल प्लाजा पर व्यवस्थाओं को सुचारू रखने के लिए अतिरिक्त ड्यूटियां लगाई गई है। फिलहाल ज्यादा दिक्कत नहीं है। एनएचएआई की तरफ से मिली गाइडलाइन के मुताबिक टोल वसूला जा रहा है। -मनमोहन सचदेवा, टोल मैनेजर