संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। घने कोहरे से शहर की हवा को भी प्रदूषण का ग्रहण लग गया है। हवा में प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ रहा है। इससे उन लोगों की परेशानी बढ़ रही है जिन्हें पहले से ही सांस संबंधी बीमारी है। आंखों में हो रही जलन ने लोगों की मुश्किल बढ़ा दी है। पहले ही कई माह से लोग सर्दी की वजह से गला दर्द व जुकाम से ज्यादा परेशान हैं। शाम होते ही सड़कों पर स्मॉग सा छाने लगता है। जिसमें सामने कुछ भी साफ-साफ दिखाई नही देता। तीन दिनों से तो शहर में एक्यूआई का स्तर 250 से ऊपर पहुंच गया है। शुक्रवार को भी एक्यूआई 266 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया।
अब सर्दियों में कई दिनों के बाद प्रदूषण का स्तर बढ़ा है। इससे पहले धान की कटाई के दौरान खेतों में फसल के अवशेष जलाए जाने से प्रदूषण का स्तर बढ़ा था। अब तो अवशेष भी नहीं जल रहे और प्रदूषण का स्तर खराब श्रेणी में पहुंच गया है। शुक्रवार को दिनभर धूप नहीं निकली। दिनभर मौसम धुंधला सा रहा। इसके अलावा शहर में जलाया जा रहा कूड़ा व सड़कों पर वाहनों के टायरों से उड़ती धूल भी प्रदूषण का स्तर बढ़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ रही। हवा में घुल रहे धूल के कण सांस के माध्यम से शरीर में जाकर लोगों को बीमार कर रहे हैं। धूल के कण गले में जमने से गला दर्द के मरीज भी बढ़ रहे हैं।
दिन में कई बार पानी से धोए आंखें : विपुल गाेयल
मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल के नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. विपुल गाेयल का कहना है कि प्रदूषण बढ़ने का असर आंखों पर भी पड़ता है। इससे आंखों में जलन होती है। जलन होने पर आंखों को मथना नहीं चाहिए। साफ पानी से दिन में कई बार आंखों को धोना चाहिए। यदि आंखों में ज्यादा दिक्कत हो तो तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए।
शहर में 10 जनवरी से अब तक एक्यूआई का स्तर
जनवरी एक्यूआई
10 113
11 127
12 185
13 173
14 171
15 107
16 158
17 227
18 253
19 266
प्रदूषण के हिसाब से एक्यूआई का स्तर
0 से 100 - अच्छा
101 -200 - सामान्य
201-300- खराब
301-400 - बहुत खराब
401-500- बहुत ज्यादा खतरनाक