संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के चलते शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। नियमित कूड़ा उठान नहीं होने से शहर में करीब 1000 मीट्रिक टन कचरा जमा हो गया है। कई स्थानों पर 70 से 80 फीट तक लंबे कूड़े के ढेर लग गए हैं। कचरे पर मक्खियों का डेरा है, वहीं बेसहारा कुत्ते और गोवंश कूड़े में मुंह मार रहे हैं।
नगर निगम के करीब 420 सफाई कर्मचारी हड़ताल पर हैं। निगम आयुक्त महावीर प्रसाद के मुताबिक कूड़ा उठाने के लिए निजी एजेंसी के 60 कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है, लेकिन हड़ताली कर्मचारियों और एजेंसी कर्मियों के बीच कई स्थानों पर टकराव की स्थिति बन रही है। आरोप है कि कई जगह ट्रालियों को रोककर सड़कों पर ही कूड़ा खाली करवाया जा रहा है।
इससे समस्या कम होने के बजाय और बढ़ रही है। पंचायत भवन से पहले, गोगा मेड़ी के पास, कन्हैया साहिब चौक, यमुनानगर बस स्टैंड के बाहर, मॉडल टाउन में एसपी आवास के नजदीक, आजाद नगर, श्रीनगर कॉलोनी, दुर्गा गार्डन, विकास नगर और जगाधरी वर्कशॉप रोड समेत शहर के विभिन्न हिस्सों में कूड़े के ढेर लगे हुए हैं।
कई जगह कचरा सड़क तक पहुंच गया है। बारिश के बाद स्थिति और गंभीर हो गई है। गीले कचरे से उठ रही दुर्गंध के कारण लोगों का आसपास से गुजरना मुश्किल हो गया है।खाली प्लॉटों, गलियों और सड़क के किनारे जमा कचरे में बारिश का पानी भरने से मच्छरों और अन्य कीटों का प्रकोप भी बढ़ गया है।
स्कूल-कॉलेज और अन्य संस्थानों के आसपास भी कचरा जमा होने से विद्यार्थियों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। कर्मचारियों की हड़ताल का असर शहरवासियों पर पड़ रहा है और लोग जल्द सफाई व्यवस्था बहाल होने की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
आंदोलन तेज करने की दी चेतावनी
नगर निगम कार्यालय परिसर में सफाई कर्मचारी धरने पर बैठे हैं। कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी कर सरकार और निगम प्रशासन के खिलाफ रोष जता रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने मांगें नहीं माने जाने पर आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी दी है। दूसरी ओर, शहर में कूड़ा उठाने के लिए लगाए गए कर्मचारियों और हड़ताल पर बैठे सफाई कर्मचारियों के बीच टकराव की स्थिति से निगम प्रशासन की चुनौती बढ़ गई है।