citizenship amendment law to prevent infiltration
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नागरिकता संशोधन कानून से देश का कोई भी नागरिक, चाहे वह किसी भी धर्म का हो प्रभावित नहीं होगा। यह कानून देशहित में है। जिसे लोगों का समर्थन मिल रहा है। कुछ दल इसका राजनीतिकरण कर रहे हैं। जो लोगों को बरगला कर हिंसा व दंगे करवाए जा रहे हैं। लोगों को इनकी बातों में न आकर इस कानून के बारे में पूरी जानकारी लेनी चाहिए।
यह बात प्रदेश सरकार के शिक्षा मंत्री कंवरपाल ने कहे। शिक्षामंत्री कंवरपाल जगाधरी के पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में पत्रकार वार्ता कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि कुछ दल अपना स्वार्थ सिद्ध कर रहे हैं। ऐसे राजनीतिक दलों के बहकावे में न आएं। उन्होंने कहा कि जब कोई भी शरणार्थी मुसीबत के कारण सीमा पार करके भारत आता है तो सबसे पहले सरकारी कार्यालय पहुंचकर अधिकारियों से मिलता और बताता है कि मैं पाकिस्तान से अपनी जिंदगी बचाने के लिए आया हूं। वो कभी अपनी पहचान नहीं छुपाता। लेकिन घुसपैठिए कभी अपनी पहचान जाहिर नहीं होने देता है। उन्होंने एक प्रश्न के उत्तर में कहा कि विपक्षी दल अफवाह फैला रहें हैं कि सीएए से अल्पसंख्यकों की नागरिकता जाने वाली है, हम सभी विपक्षी दलों को चैलेंज करते हैं कि कोई भी यह बताए कि इस कानून से किस की नागरिकता खतरे में हैं। इस एक्ट में किसी की भी नागरिकता लेने का कोई प्रावधान नहीं है। कुछ लोग सीएए को गरीबों के खिलाफ ही बता रहे हैं और कह रहे हैं कि जो लोग आएंगे वो यहां के गरीबों का हक छीन लेंगे। यह एक्ट उन लोगों पर लागू होगा जो बरसों से भारत में ही रह रहे हैं। किसी नये शरणार्थी को इस कानून का फायदा नहीं मिलेगा।
शिक्षामंत्री ने कहा कि विपक्षी दलों ने इस कानून को लेकर कई तरह की भ्रांतियां फैलाईं हुई हैं। लोगों को फुसलाकर हिंसा व दंगे करवाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोगों को इसकी पूरी जानकारी नहीं है। इसके लिए लोगों को जागरूक किरया जाएगा। भाजपा इसके लिए पांच जनवरी से 15 जनवरी तक जागरूकता अभियान चलाएगी। उन्होंने एनपीआर, एनआरसी एवं सीएए कानून के बारे में कहा कि एनपीआर पहले से चलती आ रही प्रणाली है। जिसमें हर 10 साल के बाद जनगणना की जाती है। एनआरसी अभी भारत सरकार ने लागू नहीं किया है और जो सीएए कानून पारित हो चुका है वह सिर्फ नागरिकता देने का कानून है, नागरिकता लेने का कानून नहीं है।